रांची : राजधानी रांची में पेयजल विभाग के क्लर्क संतोष कुमार से कथित मारपीट के मामले में गुरुवार को रांची पुलिस की टीम एयरपोर्ट रोड स्थित प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कार्यालय पहुंची। पुलिस यह जांच करने गई है कि संतोष कुमार द्वारा लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।

दरअसल, अपर चुटिया निवासी संतोष कुमार ने ईडी के सहायक निदेशक (द्वितीय) प्रतीक और सहायक शुभम पर गंभीर आरोप लगाए हैं। संतोष कुमार का कहना है कि उन्हें कार्यालय में बुलाकर उनके साथ मारपीट की गई, सिर फोड़ दिया गया और बाद में साक्ष्य मिटाने की कोशिश की गई। इस शिकायत के आधार पर रांची पुलिस ने एयरपोर्ट थाना में कांड संख्या 05/2026 दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

क्या है पूरा मामला

पीड़ित संतोष कुमार के अनुसार, उन्हें 12 जनवरी 2026 को सुबह 10 बजे हिनू स्थित ईडी कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया था। दोपहर करीब 1:35 बजे जब वे सहायक निदेशक प्रतीक के कक्ष में पहुंचे, तो वहां मौजूद अधिकारियों ने उन पर आरोप स्वीकार करने का दबाव बनाया।

शिकायत में कहा गया है कि जब संतोष कुमार ने आरोपों को मानने से इनकार किया, तो सहायक निदेशक प्रतीक और शुभम ने उनके साथ गाली-गलौज की और बेरहमी से मारपीट की। आरोप है कि इस दौरान उनके सिर पर गंभीर चोट आई और खून बहने लगा। संतोष कुमार का यह भी दावा है कि मारपीट के दौरान उन्हें धमकी दी गई कि “अगर तुम मर भी जाते हो तो हमें कोई फर्क नहीं पड़ेगा।”

साक्ष्य मिटाने और धमकी देने का आरोप

संतोष कुमार के मुताबिक, घायल अवस्था में उन्हें सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां उनके सिर पर छह टांके लगे। अस्पताल में भी उन्हें दबाव बनाया गया कि वे डॉक्टर को चोट लगने की असली वजह न बताएं।

आरोप है कि बाद में उन्हें फिर ईडी कार्यालय लाया गया, जहां खून से सनी उनकी टी-शर्ट जबरन उतरवाकर नई टी-शर्ट पहनाई गई। साथ ही एक तथाकथित ‘इंसिडेंट रिपोर्ट’ पर जबरन हस्ताक्षर कराए गए, जिसे पढ़ने का मौका तक नहीं दिया गया। पीड़ित का कहना है कि अधिकारियों ने मीडिया, पुलिस या वकील को जानकारी देने पर पत्नी और बच्चों को जेल भेजने की धमकी भी दी।

फिलहाल रांची पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और ईडी कार्यालय में मौजूद लोगों से पूछताछ की जा रही है।

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