रांची: भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) की अखिल भारतीय कार्यसमिति की बैठक 26 से 28 जुलाई तक रांची के नामकुम स्थित सरला बिरला विश्वविद्यालय में आयोजित होगी। तीन दिवसीय इस बैठक में देशभर से संगठन के प्रतिनिधि शामिल होंगे। बैठक में संगठित और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की समस्याओं, उनके समाधान और समसामयिक श्रम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।
श्रम संहिताओं पर संगठन ने रखा अपना पक्ष
बैठक की जानकारी देते हुए भारतीय मजदूर संघ के क्षेत्रीय संगठन मंत्री धर्मदास शुक्ला ने रविवार को आयोजित प्रेसवार्ता में कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लागू चार श्रम संहिताओं में से मजदूरी संहिता-2019 और सामाजिक सुरक्षा संहिता-2020 श्रमिकों के हित में हैं। वहीं, औद्योगिक संबंध संहिता-2020 तथा व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य स्थितियां संहिता-2020 को लेकर संगठन ने अपनी असहमति जताई है।
उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा संहिता लागू होने से श्रमिकों को बड़े स्तर पर राहत मिली है और इससे उनके अधिकारों को मजबूती मिली है।
मजदूरों से जुड़े मुद्दों पर होगा मंथन
प्रदेश महामंत्री राजीव रंजन सिंह ने बताया कि तीन दिवसीय कार्यसमिति बैठक में श्रमिकों से जुड़े विभिन्न विषयों पर चिंतन-मंथन किया जाएगा तथा समसामयिक मुद्दों पर प्रस्ताव भी पारित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि भारतीय मजदूर संघ श्रमिकों को केवल उत्पादन का साधन नहीं, बल्कि मानव पूंजी मानता है और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए शांतिपूर्ण संवाद एवं वार्ता की नीति पर विश्वास करता है।
तैयारियां अंतिम चरण में
कार्यसमिति बैठक की तैयारी समिति के प्रमुख चंदन कुमार प्रसाद ने बताया कि आयोजन की लगभग सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। प्रदेशभर के कार्यकर्ता बैठक को सफल बनाने में जुटे हुए हैं। उन्होंने कहा कि बैठक के दौरान प्रत्येक दिन की गतिविधियों की जानकारी मीडिया को उपलब्ध कराई जाएगी।

