रांची: भाजपा की प्रदेश प्रवक्ता राफिया नाज़ ने जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल में ड्यूटी के दौरान पांच महीने से मानदेय नहीं मिलने के कारण एक महिला होमगार्ड जवान के रोने की घटना को लेकर झारखंड सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह घटना राज्य सरकार के दावों और चुनावी वादों की वास्तविकता को उजागर करती है।
राफिया नाज़ ने कहा कि अस्पताल परिसर में महिला होमगार्ड ने मानदेय नहीं मिलने पर अपनी आर्थिक परेशानी और गंभीर बीमारी के बावजूद इलाज नहीं करा पाने की मजबूरी व्यक्त की। उनके अनुसार यह केवल एक महिला होमगार्ड की समस्या नहीं, बल्कि राज्य के हजारों होमगार्ड जवानों की पीड़ा है, जो नियमित रूप से सेवा देने के बावजूद समय पर मानदेय से वंचित हैं।
उन्होंने दावा किया कि इससे पहले भी इसी माह जमशेदपुर में मानदेय नहीं मिलने और आर्थिक तंगी से परेशान एक महिला होमगार्ड द्वारा आत्महत्या का प्रयास किए जाने की घटना सामने आई थी। भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि इसके बावजूद सरकार ने कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला।
राफिया नाज़ ने कहा कि वर्ष 2024 में झारखंड उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद सरकार ने होमगार्ड जवानों का दैनिक मानदेय बढ़ाने की घोषणा की थी, लेकिन आज भी कई जवानों का भुगतान महीनों से लंबित है। उन्होंने सरकार से लंबित मानदेय का जिला-वार ब्यौरा सार्वजनिक करने की मांग की।
भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान होमगार्ड जवानों को सेवा सुरक्षा, सम्मान और स्थायी रोजगार का आश्वासन दिया गया था, लेकिन वर्तमान में वे अपने ही मानदेय के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अपनी मांगों को लेकर आंदोलन करने वाले होमगार्ड जवानों के साथ सरकार ने कठोर रवैया अपनाया।
राफिया नाज़ ने कहा कि राज्य में मंईयां सम्मान योजना, विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन और वृद्धा पेंशन से जुड़े लाभार्थियों को भी समय पर योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने इसे सरकार की प्रशासनिक विफलता बताते हुए कहा कि सरकार को प्रचार के बजाय जनहित के मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।
भाजपा की ओर से मांग की गई कि सभी होमगार्ड जवानों का लंबित मानदेय तत्काल जारी किया जाए, न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप संशोधित मानदेय का नियमित भुगतान सुनिश्चित किया जाए, होमगार्ड जवानों की सेवा सुरक्षा के लिए स्पष्ट नीति बनाई जाए तथा चुनावी वादों को शीघ्र पूरा किया जाए।

