रांची: झारखंड में मोटर वाहन कानूनों में बदलाव की दिशा में परिवहन विभाग ने अहम पहल शुरू की है। राज्य में लागू मोटर वाहन अधिनियम और झारखंड मोटरवाहन करारोपण नियमावली 2001 के प्रभावी क्रियान्वयन में आ रही समस्याओं को दूर करने के लिए अब जिलों से सुझाव मांगे गए हैं।

जिलों से मांगा गया फीडबैक

परिवहन विभाग के मुख्यालय ने सभी क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार और जिला परिवहन पदाधिकारियों को निर्देश जारी किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सामने आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों का संक्षिप्त विवरण तैयार करें। इसमें प्रवर्तन, परमिट निर्गमन, कर निर्धारण और दंड प्रक्रिया से जुड़ी समस्याओं को शामिल करने को कहा गया है।

अधिकारियों को 15 दिनों के भीतर यह रिपोर्ट विभाग को भेजने का निर्देश दिया गया है, ताकि इन मुद्दों पर समय रहते कार्रवाई की जा सके।

नियमों में संशोधन की तैयारी

विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन प्रावधानों में संशोधन की आवश्यकता महसूस हो रही है, उनके लिए विधिसम्मत प्रस्ताव भी भेजे जाएं। इसका उद्देश्य नियमों को अधिक व्यवहारिक, सरल और प्रभावी बनाना है।

इसके साथ ही राज्य में लागू अन्य परिवहन संबंधी नियमों की भी पहचान कर उनमें जरूरी संशोधन के प्रस्ताव देने को कहा गया है।

आम लोगों और व्यवसायियों को मिल सकती है राहत

प्रत्येक जिले से प्राप्त सुझावों की समीक्षा विभागीय मासिक बैठक में की जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि जमीनी स्तर से मिले फीडबैक के आधार पर नियमों में ऐसे बदलाव किए जाएंगे, जिससे परमिट, टैक्स और प्रवर्तन से जुड़ी प्रक्रियाएं सरल हो सकें।

इस पहल से न केवल आम नागरिकों को राहत मिलने की उम्मीद है, बल्कि परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों के लिए भी कामकाज आसान हो सकता है।

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