नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के नोएडा स्थित बहुप्रतीक्षित जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का आज औपचारिक उद्घाटन किया जाएगा। प्रधानमंत्री Narendra Modi इस अवसर पर दोपहर करीब 11:30 बजे एयरपोर्ट टर्मिनल का निरीक्षण करेंगे और दोपहर 12 बजे पहले चरण का लोकार्पण करेंगे। इसके बाद वह जनसभा को भी संबोधित करेंगे।

दिल्ली-NCR के लिए बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट

Noida International Airport को अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित किया गया है, जो दिल्ली-NCR और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए एक बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर बूस्ट साबित होगा। यह एयरपोर्ट यमुना एक्सप्रेस-वे के पास स्थित है, जिससे सड़क संपर्क पहले से ही मजबूत है।

भविष्य में प्रस्तावित मेट्रो कनेक्टिविटी और रैपिड रेल कॉरिडोर इस एयरपोर्ट की पहुंच को और आसान बनाएंगे। इससे यात्रियों को तेज और सुविधाजनक यात्रा विकल्प मिलेंगे।

रनवे और तकनीकी विशेषताएं

एयरपोर्ट के पहले चरण में करीब 3,900 मीटर लंबा रनवे तैयार किया गया है, जो बड़े विमानों के संचालन में सक्षम है। यहां आधुनिक लैंडिंग सिस्टम और एडवांस एयरफील्ड लाइटिंग जैसी तकनीकें लगाई गई हैं, जिससे खराब मौसम में भी सुरक्षित उड़ान संचालन संभव होगा।

ग्लोबल एविएशन हब बनने की दिशा में कदम

यह एयरपोर्ट भारत को वैश्विक एविएशन हब बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। इसे Indira Gandhi International Airport के पूरक के रूप में विकसित किया गया है। दोनों एयरपोर्ट मिलकर दिल्ली-NCR में हवाई यातायात का दबाव कम करने में मदद करेंगे।

क्षमता और निवेश

इस परियोजना का पहला चरण पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत लगभग 11,200 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। शुरुआती चरण में यह एयरपोर्ट हर साल करीब 12 मिलियन यात्रियों को संभाल सकेगा।

भविष्य में विस्तार के बाद इसकी क्षमता बढ़ाकर 70 मिलियन यात्रियों प्रति वर्ष तक की जाएगी, जिससे यह देश के सबसे व्यस्त एयरपोर्ट्स में शामिल हो सकता है।

कार्गो और लॉजिस्टिक्स को बढ़ावा

एयरपोर्ट को कार्गो संचालन को ध्यान में रखते हुए भी डिजाइन किया गया है। यहां मल्टी-मॉडल कार्गो हब, इंटीग्रेटेड कार्गो टर्मिनल और लॉजिस्टिक्स जोन विकसित किए गए हैं।

शुरुआत में यह एयरपोर्ट सालाना 2.5 लाख मीट्रिक टन माल संभाल सकेगा, जिसे आगे चलकर 18 लाख मीट्रिक टन तक बढ़ाया जा सकता है। इससे क्षेत्र में व्यापार और निर्यात गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है।

परियोजना का सफर

इस महत्वाकांक्षी परियोजना की आधारशिला 15 नवंबर 2021 को रखी गई थी, जबकि निर्माण कार्य जून 2022 में शुरू हुआ। अब लंबे इंतजार के बाद इसे जनता के लिए खोल दिया जा रहा है, जो क्षेत्रीय विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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