रांची : धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा के शहादत दिवस के अवसर पर मंगलवार को राजधानी रांची में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, राज्यपाल संतोष गंगवार और गांडेय विधायक कल्पना सोरेन ने बिरसा चौक पहुंचकर भगवान बिरसा मुंडा को श्रद्धासुमन अर्पित किए और उनके योगदान को याद किया।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और आम नागरिकों की भी बड़ी संख्या में मौजूदगी रही। सभी ने धरती आबा के संघर्ष, बलिदान और आदिवासी समाज के उत्थान के लिए किए गए कार्यों को नमन किया।
भगवान बिरसा मुंडा के आदर्श आज भी प्रेरणास्रोत
इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि उलगुलान की चेतना, संघर्ष की मशाल और जन-जन के स्वाभिमान के प्रतीक भगवान बिरसा मुंडा ने समाज को अपने अधिकारों, संस्कृति और पहचान की रक्षा के लिए संघर्ष का मार्ग दिखाया।
उन्होंने कहा कि धरती आबा का जीवन और उनका बलिदान आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करता रहेगा। भगवान बिरसा मुंडा ने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए जो आंदोलन खड़ा किया, वह आज भी समाज के लिए मार्गदर्शक है।
राज्यपाल ने भी किया नमन
राज्यपाल संतोष गंगवार ने भगवान बिरसा मुंडा को महान स्वतंत्रता सेनानी और जननायक बताते हुए उनके संघर्षों को याद किया। उन्होंने कहा कि बिरसा मुंडा ने अंग्रेजी शासन के खिलाफ आवाज उठाकर आदिवासी समाज में नई चेतना का संचार किया था।
श्रद्धा और सम्मान का माहौल
बिरसा चौक पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान लोगों ने भगवान बिरसा मुंडा के आदर्शों पर चलने और समाज के विकास के लिए कार्य करने का संकल्प लिया। पूरे कार्यक्रम में श्रद्धा, सम्मान और गौरव का वातावरण देखने को मिला।
झारखंड के इतिहास और पहचान में भगवान बिरसा मुंडा का योगदान अतुलनीय माना जाता है। उनके शहादत दिवस पर हर वर्ष राज्यभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है।

