रांची : रांची नगर निगम में नागरिकों की सुविधा के लिए चार वर्ष पूर्व शुरू किया गया टोकन मैनेजमेंट सिस्टम अब अपनी उपयोगिता खोता नजर आ रहा है। लोगों को लंबी कतारों और भीड़भाड़ से राहत दिलाने के उद्देश्य से लागू की गई यह व्यवस्था फिलहाल प्रभावी ढंग से संचालित नहीं हो रही है। नतीजतन विभिन्न कार्यों के लिए निगम कार्यालय पहुंचने वाले लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
रोजाना बड़ी संख्या में पहुंचते हैं लोग
रांची नगर निगम कार्यालय में जन्म प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र, होल्डिंग टैक्स, ट्रेड लाइसेंस, भवन नक्शा स्वीकृति समेत कई आवश्यक सेवाओं के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। टोकन मैनेजमेंट सिस्टम लागू करने का मुख्य उद्देश्य लोगों को उनकी बारी के अनुसार सेवाएं उपलब्ध कराना और काउंटरों पर भीड़ को नियंत्रित करना था।
इस व्यवस्था के तहत टोकन जारी किए जाते थे और डिस्प्ले बोर्ड पर क्रम संख्या आने के साथ एनाउंसमेंट भी किया जाता था, जिससे लोगों को व्यवस्थित तरीके से सेवा मिलती थी। हालांकि हाल के महीनों में यह व्यवस्था लगभग ठप पड़ गई है।
महीनों से बंद है टोकन मशीन
नगर निगम आने वाले लोगों का आरोप है कि टोकन जारी करने वाली मशीन लंबे समय से बंद पड़ी हुई है। इसके कारण लोगों को अपनी बारी के इंतजार में कई-कई घंटे बैठना पड़ता है। खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और दूर-दराज के इलाकों से आने वाले नागरिकों को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
लोगों का कहना है कि टोकन सिस्टम बंद होने के कारण काउंटरों के सामने भीड़ बढ़ गई है और कामकाज प्रभावित हो रहा है।
जन सुविधा केंद्रों में भी परेशानी
केवल नगर निगम मुख्यालय ही नहीं, बल्कि जन सुविधा केंद्रों में भी स्थिति संतोषजनक नहीं है। यहां भी प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग विभिन्न सेवाओं के लिए पहुंचते हैं, लेकिन टोकन व्यवस्था के प्रभावी संचालन के अभाव में लंबी कतारें लग रही हैं।
कई लोगों का कहना है कि सुविधा बढ़ाने के लिए शुरू की गई व्यवस्था के निष्क्रिय होने से उन्हें पहले की तरह घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
व्यवस्था बहाल करने की मांग
नगर निगम पहुंचने वाले नागरिकों ने प्रशासन से टोकन मैनेजमेंट सिस्टम की समीक्षा कर इसे फिर से सुचारू रूप से संचालित करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि व्यवस्था को सही तरीके से लागू किया जाए तो लोगों का समय बचेगा, भीड़ कम होगी और सेवाएं अधिक पारदर्शी तथा व्यवस्थित तरीके से उपलब्ध हो सकेंगी।
नागरिकों का मानना है कि डिजिटल और व्यवस्थित सेवा प्रणाली को मजबूत कर नगर निगम आम लोगों को बेहतर सुविधाएं प्रदान कर सकता है।
