Ranchi : राज्य के आंगनबाड़ी केंद्रों में केंद्र प्रायोजित पूरक पोषाहार कार्यक्रम के तहत लाभार्थियों के लिए नई और उन्नत रेसिपी को मंजूरी दी गई है। इस नई व्यवस्था के अंतर्गत शिशु आहार, पौष्टिक दलिया, शक्ति आहार, पौष्टिक आहार और नमकीन दलिया को शामिल किया गया है। योजना के तहत लाभार्थियों को टेक होम राशन के रूप में पूरक पोषणाहार उपलब्ध कराया जाएगा।
कुपोषण से जूझ रहे एक से तीन वर्ष तक के बच्चों के लिए विशेष रूप से शक्ति आहार की व्यवस्था की गई है। शक्ति आहार का निर्माण उच्च गुणवत्ता वाले ताजे गेहूं, चना दाल और मूंगफली से किया जाएगा। यह आहार किसी भी प्रकार की अशुद्धि, स्वास्थ्य के लिए हानिकारक तत्व, अत्यधिक नमी, कीट क्षति और फफूंद संक्रमण से पूर्णतः मुक्त होगा।
निर्देशों के अनुसार कच्चे माल को धूल, पत्थर, धातु और अन्य बाहरी पदार्थों से पूरी तरह साफ किया जाएगा। इसके बाद इन्हें अलग-अलग डिब्बों और टैंकों में सुरक्षित रखा जाएगा। साफ किए गए कच्चे माल को पीसकर पाउडर और दानेदार रूप में तैयार किया जाएगा। एक से तीन वर्ष के कुपोषित बच्चों को प्रतिदिन 170 ग्राम शक्ति आहार दिन में दो से तीन बार देने की अनुशंसा की गई है।
विभिन्न आयु वर्ग के लिए निर्धारित रेसिपी
• छह से 12 माह के बच्चे: मीठा दलिया
• छह से 12 माह के कुपोषित बच्चे: शिशु आहार
• एक से तीन वर्ष के बच्चे: पौष्टिक दलिया
• एक से तीन वर्ष के कुपोषित बच्चे: शक्ति आहार
• तीन से छह वर्ष के कुपोषित बच्चे: पौष्टिक आहार
• गर्भवती महिलाएं: नमकीन दलिया
• स्तनपान कराने वाली माताएं: नमकीन दलिया
• किशोरियां: नमकीन दलिया
राज्य सरकार का मानना है कि इस नई पोषण व्यवस्था से कुपोषण की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण होगा और बच्चों के शारीरिक व मानसिक विकास में सुधार आएगा।
