पुरी: ओडिशा के पुरी में गुरुवार सुबह भगवान जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा श्रद्धा, आस्था और उल्लास के बीच शुरू हो गई। आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि पर आयोजित होने वाली इस ऐतिहासिक यात्रा में शामिल होने के लिए देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पुरी पहुंचे हैं। मंदिर परिसर और ग्रैंड रोड पर सुबह से ही ‘जय जगन्नाथ’ के जयघोष गूंजते रहे।

सुबह से संपन्न हुए सभी धार्मिक अनुष्ठान

मंदिर के चुनरा सेवायत शरत मोहंती के अनुसार, इस वर्ष सुबह से ही सभी धार्मिक अनुष्ठान निर्धारित समय से तेजी से संपन्न किए गए। मंगला आरती और स्नान पूजा के बाद भगवान का विशेष श्रृंगार किया गया तथा गोपाल वल्लभ भोग और राजभोग के रूप में सात्विक खिचड़ी अर्पित की गई। उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो स्वयं महाप्रभु अपने भक्तों को शीघ्र दर्शन देना चाहते हों।

‘पाहांडी बिजे’ परंपरा के तहत निकले भगवान

धार्मिक अनुष्ठानों के बाद पारंपरिक ‘पाहांडी बिजे’ रस्म निभाई गई। इसके तहत सबसे पहले चक्रराज सुदर्शन, फिर भगवान बलभद्र, माता सुभद्रा और अंत में भगवान जगन्नाथ के विग्रहों को गर्भगृह से बाहर लाकर उनके निर्धारित रथों पर विराजमान कराया गया। इस दौरान भक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा था।

हल्की बारिश को भक्तों ने माना शुभ संकेत

रथयात्रा के दौरान पुरी में हल्की बारिश भी हुई। श्रद्धालु इसे भगवान जगन्नाथ की कृपा और शुभ संकेत के रूप में देख रहे हैं। धार्मिक मान्यता है कि रथयात्रा के दिन वर्षा होना महाप्रभु की प्रसन्नता का प्रतीक माना जाता है।

‘चेरा पहरा’ रस्म में गजपति महाराजा ने सोने की झाड़ू से की सफाई

भगवान के रथों पर विराजमान होने के बाद रथयात्रा की सबसे महत्वपूर्ण रस्म ‘चेरा पहरा’ संपन्न हुई। इस परंपरा के तहत पुरी के गजपति महाराजा ने स्वयं सेवक का रूप धारण कर सोने की झाड़ू से तीनों रथों के मंडप की सफाई की। यह परंपरा समानता और सेवा भाव का प्रतीक मानी जाती है।

लाखों श्रद्धालुओं ने खींचा भगवान का रथ

सभी धार्मिक अनुष्ठान पूरे होने के बाद भगवान जगन्नाथ के नंदीघोष, भगवान बलभद्र के तालध्वज और माता सुभद्रा के दर्पदलन रथों का वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शुद्धिकरण किया गया। इसके बाद रथों में लकड़ी के घोड़े जोड़े गए और लाखों श्रद्धालुओं ने मोटी रस्सियों को थामकर रथों को गुंडिचा मंदिर की ओर खींचना शुरू किया। शाम तक रथों के गुंडिचा मंदिर पहुंचने पर विशेष संध्या आरती का आयोजन किया जाएगा।

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