धनबाद : धनबाद की अदालत ने चर्चित सुमित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाते हुए दो दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। लंबे समय से चल रहे इस मामले में कोर्ट ने कहा कि हत्या सुनियोजित साजिश के तहत की गई थी, इसलिए दोषियों को किसी तरह की राहत नहीं दी जा सकती। फैसले के बाद इलाके में इस मामले की चर्चा फिर तेज हो गई है।
हत्या के बाद मचा था हड़कंप
सुमित हत्याकांड ने धनबाद में काफी सनसनी फैला दी थी। घटना के बाद पुलिस पर जल्द खुलासा करने का दबाव बढ़ गया था। जांच के दौरान पुलिस ने कई लोगों से पूछताछ की और तकनीकी साक्ष्य जुटाए। इसके बाद दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। मामला अदालत पहुंचा, जहां लंबे समय तक सुनवाई चली।
CCTV फुटेज और गवाहों की गवाही बनी मजबूत आधार
मामले की सुनवाई के दौरान CCTV फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों की गवाही अभियोजन पक्ष के लिए सबसे मजबूत सबूत साबित हुई। पुलिस ने घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और तकनीकी जांच के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मजबूत केस तैयार किया था।
अभियोजन पक्ष ने अदालत में दलील दी कि दोनों आरोपियों ने मिलकर योजनाबद्ध तरीके से हत्या की वारदात को अंजाम दिया। अदालत ने भी माना कि अपराध जानबूझकर और पूरी तैयारी के साथ किया गया था।
कोर्ट ने कहा- समाज में डर फैलाने वाला अपराध
सुनवाई के दौरान अदालत ने टिप्पणी की कि इस तरह की घटनाएं समाज में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा करती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने दोनों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही उन पर आर्थिक जुर्माना भी लगाया गया है।
परिवार ने कहा- लंबे इंतजार के बाद मिला इंसाफ
फैसले के बाद मृतक सुमित के परिवार ने राहत जताई। परिवार का कहना है कि लंबे इंतजार और कानूनी लड़ाई के बाद आखिरकार उन्हें इंसाफ मिला है। वहीं स्थानीय लोगों का भी कहना है कि इस फैसले से अपराधियों में कानून का डर बढ़ेगा।
हालांकि दोषियों के वकील ने अदालत के फैसले पर असहमति जताई है। उनका कहना है कि वे इस निर्णय को ऊपरी अदालत में चुनौती देंगे। फिलहाल दोनों दोषियों को जेल भेज दिया गया है।

