रांची: झारखंड हाईकोर्ट ने सोमवार को TGT (Trained Graduate Teacher) नियुक्ति मामले में अहम आदेश जारी किया है। न्यायमूर्ति दीपक रोशन की एकलपीठ ने सुनवाई के दौरान नियुक्ति प्रक्रिया में सामने आई खामियों पर गंभीर टिप्पणी की और पूरी जांच के लिए फैक्ट फाइंडिंग कमेटी गठित करने का निर्देश दिया।

2034 रिक्त पदों को भरने का भी निर्देश

हाईकोर्ट ने न केवल जांच के आदेश दिए बल्कि झारखंड सरकार और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) को यह भी कहा कि जल्द से जल्द शेष 2034 रिक्त पदों की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी की जाए। अदालत ने स्पष्ट किया कि योग्य अभ्यर्थियों को लंबे समय तक प्रतीक्षा में रखना उचित नहीं है।

फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की जिम्मेदारी

अदालत ने आदेश दिया कि फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की अध्यक्षता झारखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश डॉ. जस्टिस एस. एन. पाठक करेंगे। यह कमेटी नियुक्ति प्रक्रिया में हुई अनियमितताओं की गहन जांच करेगी और अपनी रिपोर्ट न्यायालय को सौंपेगी।

कमेटी को विशेष रूप से यह देखने का दायित्व सौंपा गया है कि नियुक्ति में पारदर्शिता और समान अवसर के सिद्धांत का पालन हुआ है या नहीं।

याचिकाकर्ताओं की दलीलें

यह मामला मीना कुमारी व अन्य बनाम राज्य सरकार [W.P.(S) No. 582/2023] के तहत दर्ज हुआ था। याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अजीत कुमार और अधिवक्ता चंचल जैन ने दलील दी कि पूरी प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं और पारदर्शिता की कमी रही।

उन्होंने अदालत को अवगत कराया कि कई योग्य अभ्यर्थियों को उचित अवसर नहीं दिया गया और नियुक्तियों में गड़बड़ी की गई है।

TGT अभ्यर्थियों को मिली राहत

हाईकोर्ट के इस आदेश को TGT अभ्यर्थियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। इससे न केवल नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी आएगी बल्कि भविष्य में भर्ती प्रणाली को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की दिशा में भी यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।

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