रांची: झारखंड कैडर के कुल 125 आईपीएस अधिकारियों में से 117 अधिकारियों ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को अपनी अचल संपत्ति का विवरण सौंप दिया है। इस रिपोर्ट के अनुसार अधिकांश अधिकारियों ने अपनी संपत्तियां पूर्व वर्षों में अर्जित की हैं, जबकि वर्ष 2025 में केवल 10 अधिकारियों ने नई अचल संपत्ति खरीदी है।
रिपोर्ट में सामने आया है कि 1997 बैच के आईपीएस अधिकारी और वर्तमान में एनआईए में आईजी पद पर कार्यरत आशीष बत्रा ने पंजाब के साहिबजादा अजीत सिंह नगर में 504 वर्गयार्ड का आवासीय प्लॉट खरीदा है, जिसकी कीमत करीब 4.33 करोड़ रुपये है। यह इस सूची में सबसे महंगी संपत्ति मानी जा रही है।
वहीं 2008 बैच के आईपीएस अधिकारी अजय लिंडा ने रांची के नगड़ी क्षेत्र में 32.43 लाख रुपये की लागत से जमीन खरीदी है। 2010 बैच के अश्विनी कुमार सिन्हा ने सुगदा क्षेत्र में सात लाख रुपये में जमीन ली है।
एंटी करप्शन ब्यूरो के आईजी शैलेंद्र प्रसाद वर्णवाल ने कांटाटोली स्थित वासुदेव रेसिडेंसी में फ्लैट खरीदा है, जिसकी कीमत 16.66 लाख रुपये बताई गई है। बोकारो के डीआईजी आनंद प्रकाश ने अरगोड़ा स्थित अशोक नगर में 55 लाख रुपये में फ्लैट खरीदा है।
इसके अलावा सीआईडी में पदस्थापित एसपी पूज्य प्रकाश, जामताड़ा एसपी राजकुमार मेहता, एसीबी एसपी सहदेव साव और देवघर एसपी सौरभ ने भी वर्ष 2025 में जमीन खरीदने की जानकारी दी है।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि कई वरिष्ठ अधिकारियों ने पूर्व वर्षों में करोड़ों की संपत्तियां खरीदी हैं। इनमें 1992 बैच के आईपीएस प्रशांत सिंह प्रमुख हैं, जिन्होंने वर्ष 2024 में रांची में 2.25 करोड़ रुपये की जमीन खरीदी थी।
गृह मंत्रालय द्वारा संपत्ति विवरण सार्वजनिक किए जाने का उद्देश्य प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देना है। इससे आम जनता को भी अधिकारियों की संपत्ति की जानकारी मिल सकेगी।
