रांची : रांची में वायरल वीडियो से जुड़े एक मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। सोमवार को अदालत के आदेश पर धनबाद के एसएसपी व्यक्तिगत रूप से हाईकोर्ट में पेश हुए।
सुनवाई के दौरान एसएसपी ने अदालत को जानकारी दी कि पीड़िता की शिकायत के आधार पर मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। इसके बाद कोर्ट ने उन्हें अगली सुनवाई में व्यक्तिगत उपस्थिति से राहत दे दी, लेकिन जांच में तेजी लाने और अगली तारीख पर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया।
क्या है पूरा मामला
जानकारी के मुताबिक इस मामले में रवि साव नामक आरोपी को पहले ही जमानत मिल चुकी थी। इसके बाद पीड़िता युवती ने आरोपी की जमानत रद्द करने की मांग करते हुए हाईकोर्ट का रुख किया।
पीड़िता का आरोप है कि जमानत पर बाहर आने के बाद आरोपी फिर से अवैध गतिविधियों में शामिल हो गया। इस संबंध में उसने साइबर पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई थी।
इसी दौरान युवती का वीडियो वायरल हो गया, जिसके बाद मामला और गंभीर हो गया। हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 11 जून की तारीख तय की है।
वायरल वीडियो पर कोर्ट ने जताई चिंता
सुनवाई के दौरान अदालत ने वायरल वीडियो को लेकर भी गंभीर चिंता व्यक्त की। कोर्ट के समक्ष यह जानकारी दी गई कि वीडियो झारखंड से नहीं, बल्कि गुजरात से वायरल हुआ था।
इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि पुलिस को ऐसे मामलों में तुरंत सक्रिय होकर वीडियो हटवाने की प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए थी। अदालत ने माना कि संवेदनशील मामलों में देरी पीड़िता की परेशानियों को और बढ़ा सकती है।
एफआईआर दर्ज नहीं होने पर पहले भी जताई थी नाराजगी
इस मामले में अदालत पहले भी पुलिस की कार्यशैली पर नाराजगी जता चुकी है। कोर्ट के सामने यह तथ्य आया था कि शिकायत में संज्ञेय अपराध का स्पष्ट उल्लेख होने के बावजूद एफआईआर दर्ज नहीं की गई थी।
इस पर अदालत ने सवाल उठाया था कि जब शिकायत में संज्ञेय अपराध का मामला स्पष्ट था, तो एफआईआर दर्ज करने में देरी क्यों हुई। अब पुलिस की ओर से अदालत को बताया गया है कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
अगली सुनवाई 11 जून को
हाईकोर्ट ने धनबाद पुलिस को जांच में प्रगति दिखाने और अगली सुनवाई पर विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 11 जून को होगी।
