रांची : पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार चौथी बार हुई बढ़ोतरी का असर अब आम लोगों की रसोई तक पहुंच गया है। ईंधन महंगा होने से परिवहन लागत बढ़ी है, जिसके कारण बाजार में किराना और खाद्य सामग्री के दाम लगातार बढ़ रहे हैं।

सबसे ज्यादा असर खाद्य तेलों की कीमतों पर देखने को मिल रहा है। बाजार में सरसों तेल की कीमत में प्रति लीटर करीब 10 रुपये तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं रिफाइंड तेल भी लगभग 5 रुपये प्रति लीटर महंगा हो गया है।

चावल-दाल और मसालों के दाम भी बढ़े

तेल के अलावा चावल, दाल, मसाले और किचन में इस्तेमाल होने वाली दूसरी जरूरी वस्तुओं की कीमतों में भी इजाफा हुआ है। व्यापारियों के अनुसार चावल और दाल की कीमतों में करीब 5 रुपये प्रति किलो तक की बढ़ोतरी हुई है।

लगातार बढ़ती महंगाई ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। लोगों का कहना है कि पहले जिस बजट में पूरे महीने का राशन आसानी से आ जाता था, अब उसी सामान के लिए ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं।

मध्यमवर्गीय परिवारों पर बढ़ा दबाव

महंगाई का सबसे ज्यादा असर गृहिणियों और मध्यमवर्गीय परिवारों के मासिक बजट पर पड़ रहा है। परिवारों को अब रोजमर्रा के खर्चों में कटौती करनी पड़ रही है।

कई लोगों का कहना है कि सब्जी, राशन और घरेलू जरूरत की वस्तुओं की कीमतें लगातार बढ़ने से घर चलाना मुश्किल होता जा रहा है। खासकर नौकरीपेशा और सीमित आय वाले परिवारों पर इसका ज्यादा असर दिख रहा है।

आगे और बढ़ सकती हैं कीमतें

व्यापारियों का कहना है कि यदि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में जल्द राहत नहीं मिली तो आने वाले दिनों में खाद्य सामग्री और रोजमर्रा के उपयोग की वस्तुएं और महंगी हो सकती हैं।

परिवहन खर्च बढ़ने का सीधा असर थोक और खुदरा बाजार पर पड़ रहा है, जिसकी वजह से आम उपभोक्ताओं को अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ रहा है।



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