रांची: रथयात्रा महापर्व के अवसर पर राजधानी के ऐतिहासिक जगन्नाथपुर मंदिर में गुरुवार सुबह से ही श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। मंदिर के कपाट खुलते ही भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के दर्शन के लिए लंबी कतारें लग गईं। बुजुर्ग, महिलाएं, युवा और बच्चे पूरे भक्तिभाव के साथ पूजा-अर्चना करने पहुंचे। मंदिर परिसर में सुबह से ही भक्ति और उत्साह का माहौल बना रहा।

महाआरती में गूंजे ‘जय जगन्नाथ’ के जयकारे

महाआरती के दौरान पूरा मंदिर परिसर ‘जय जगन्नाथ’ और ‘हरे कृष्ण’ के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि, शांति और मंगलमय जीवन की कामना की। रथयात्रा के अवसर पर मंदिर को आकर्षक फूलों, रंग-बिरंगी रोशनी और पारंपरिक सजावट से भव्य रूप दिया गया है।

सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और मंदिर प्रबंधन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। पूरे मंदिर परिसर और मेला क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है। सुरक्षा के लिए पुलिस बल, महिला पुलिसकर्मियों और स्वयंसेवकों की तैनाती की गई है। भीड़ को व्यवस्थित रखने के लिए पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग बैरिकेडिंग की व्यवस्था भी की गई है।

आज शाम 5 बजे निकलेगा भगवान जगन्नाथ का रथ

रथयात्रा का सबसे प्रमुख आयोजन गुरुवार शाम 5 बजे होगा, जब भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा का भव्य रथ मौसीबाड़ी के लिए रवाना होगा। धार्मिक मान्यता है कि रथ की रस्सी खींचने या स्पर्श करने से श्रद्धालुओं को विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। इसी आस्था के कारण हजारों श्रद्धालु रथ खींचने के लिए उत्साहित हैं।

मौसीबाड़ी और मेले में श्रद्धालुओं की बढ़ी रौनक

रथयात्रा के अवसर पर मौसीबाड़ी को भी आकर्षक ढंग से सजाया गया है, जहां भगवान जगन्नाथ नौ दिनों तक विराजमान रहेंगे। मंदिर परिसर के आसपास पारंपरिक मेले की भी शुरुआत हो चुकी है। मेले में खान-पान, हस्तशिल्प, खिलौनों और मनोरंजन की विभिन्न दुकानों पर लोगों की भीड़ उमड़ रही है। आने वाले दिनों में यह मेला रांची सहित आसपास के जिलों से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहेगा।

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