नई दिल्ली: नए वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत महंगाई के बड़े झटके के साथ हुई है। सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर और एविएशन टर्बाइन फ्यूल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी की है, जिसका असर आम उपभोक्ताओं से लेकर उद्योग और हवाई यात्रा तक पर पड़ेगा।
कमर्शियल LPG सिलेंडर महंगा
नई दरों के अनुसार, 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत दिल्ली में बढ़कर 2,078.50 रुपये हो गई है। इसमें 195.50 रुपये की वृद्धि की गई है।
लगातार दूसरे महीने हुई इस बढ़ोतरी से होटल, रेस्टोरेंट और छोटे कारोबारियों की लागत बढ़ेगी, जिसका असर उपभोक्ताओं पर भी पड़ सकता है।
हालांकि घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। 14.2 किलोग्राम का घरेलू सिलेंडर 913 रुपये पर स्थिर है।
जेट फ्यूल की कीमतों में रिकॉर्ड उछाल
एविएशन सेक्टर के लिए भी बड़ी खबर है। जेट फ्यूल यानी एविएशन टर्बाइन फ्यूल की कीमत दिल्ली में बढ़कर 2,07,341.22 रुपये प्रति किलोलीटर पहुंच गई है, जो पहले 1,10,703.08 रुपये थी।
इस तरह इसमें 114 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है। यह पहली बार है जब इसकी कीमत दो लाख रुपये प्रति किलोलीटर के पार पहुंची है।
पश्चिम एशिया तनाव का असर
ऊर्जा बाजार में इस तेजी के पीछे पश्चिम एशिया में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव प्रमुख कारण माना जा रहा है। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी तनाव के कारण कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई है।
विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधा से वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित हुई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें बढ़ी हैं।
हवाई किराए बढ़ने की आशंका
एटीएफ की कीमतों में बढ़ोतरी से एयरलाइंस कंपनियों की लागत बढ़ेगी, जिसका असर सीधे यात्रियों पर पड़ सकता है। आने वाले दिनों में हवाई किराए महंगे होने की संभावना जताई जा रही है।
हर महीने होती है समीक्षा
सरकारी तेल कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को एलपीजी और एटीएफ की कीमतों की समीक्षा करती हैं। यह प्रक्रिया अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपया विनिमय दर पर आधारित होती है।

