रांची: बोकारो ट्रेजरी घोटाला मामले की जांच कर रही सीआईडी की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने जांच के दौरान एक और बड़ा खुलासा किया है। एसआईटी के अनुसार, बोकारो पुलिस अधीक्षक कार्यालय की लेखा शाखा में प्रतिनियुक्त एक होमगार्ड जवान ट्रेजरी घोटाले की रकम को अपने बैंक खाते में मंगवाने और बाद में मुख्य आरोपी तक पहुंचाने के एवज में 10 प्रतिशत कमीशन लेता था।

जांच में सामने आया है कि आरोपी होमगार्ड जवान सतीश कुमार के बैंक खाते में ट्रेजरी घोटाले से जुड़े करीब 1.08 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए थे। इन पैसों को निकालकर मुख्य आरोपी कौशल पांडेय तक पहुंचाने के बदले वह कुल राशि का 10 प्रतिशत कमीशन अपने पास रखता था।

घोटाले की रकम होने की थी पूरी जानकारी

एसआईटी की प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि सतीश कुमार को पूरी जानकारी थी कि उसके खाते में आने वाली राशि ट्रेजरी घोटाले से संबंधित है। इसके बावजूद उसने पैसे अपने खाते में मंगवाए और मुख्य आरोपी तक पहुंचाने का काम किया।

जांच के दौरान एसआईटी ने 27 अप्रैल को सतीश कुमार को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। पूछताछ में मिले तथ्यों के आधार पर उसे गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। वर्तमान में वह न्यायिक हिरासत में है।

जांच के दौरान 43 लाख रुपये किए गए फ्रीज

एसआईटी ने जांच के दौरान सतीश कुमार के बैंक खाते से जुड़े 43 लाख रुपये फ्रीज करने की कार्रवाई भी की थी। अधिकारियों के अनुसार, वित्तीय लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों और बैंक रिकॉर्ड की गहन जांच के बाद यह कार्रवाई की गई।

एएसआई अशोक भंडारी की भूमिका भी आई सामने

सतीश कुमार की गिरफ्तारी के बाद मिले साक्ष्यों के आधार पर एसआईटी ने 29 अप्रैल को बोकारो एसपी कार्यालय की लेखा शाखा में पदस्थापित एएसआई अशोक कुमार भंडारी को भी गिरफ्तार किया था।

बैंक खातों के विश्लेषण में जांच एजेंसी ने पाया कि ट्रेजरी घोटाले के मुख्य आरोपी लेखापाल कौशल पांडेय ने अशोक भंडारी के खाते में भी 42 लाख रुपये ट्रांसफर किए थे।

मुख्य आरोपी के सहयोगी के रूप में करता था काम

एसआईटी के अनुसार, अशोक कुमार भंडारी पूरे ट्रेजरी घोटाले में मुख्य आरोपी कौशल पांडेय के सहयोगी के रूप में काम कर रहा था। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस घोटाले में और किन-किन लोगों की भूमिका रही तथा अवैध रूप से निकाली गई राशि का इस्तेमाल कहां किया गया।

सीआईडी की एसआईटी वित्तीय लेनदेन, बैंक खातों और अन्य दस्तावेजों के आधार पर पूरे नेटवर्क की जांच आगे बढ़ा रही है।

Share.
Leave A Reply

Exit mobile version