रांची: राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में एडमिशन और टेंडर प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की चल रही सीआईडी जांच के बीच बड़ा प्रशासनिक घटनाक्रम सामने आया है। झारखंड सरकार के स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग ने रिम्स के निदेशक-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी डॉ. राजकुमार का त्यागपत्र स्वीकार कर लिया है।
गुरुवार को जारी अधिसूचना में कहा गया है कि डॉ. राजकुमार द्वारा समर्पित त्यागपत्र को अधिसूचना जारी होने की तिथि से स्वीकार किया जाता है। विभागीय मंत्री-सह-शासी परिषद के अध्यक्ष की स्वीकृति के बाद यह आदेश जारी किया गया है।
CID जांच के बीच बढ़ी राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल
रिम्स में मेडिकल पाठ्यक्रमों में नामांकन और विभिन्न टेंडर प्रक्रियाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर पहले से ही सीआईडी जांच चल रही है। जांच की प्रक्रिया के बीच निदेशक का इस्तीफा स्वीकार किए जाने से स्वास्थ्य महकमे और प्रशासनिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
हालांकि अधिसूचना में इस्तीफे के कारणों का उल्लेख नहीं किया गया है, लेकिन रिम्स से जुड़े मामलों की जांच के बीच इस फैसले को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया आदेश
स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर सचिव शशि प्रकाश सिंह की ओर से जारी अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि डॉ. राजकुमार का त्यागपत्र स्वीकृत कर लिया गया है। आदेश की प्रति राज्यपाल सचिवालय, मुख्यमंत्री सचिवालय, मुख्य सचिव, स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, रिम्स प्रशासन और संबंधित विभागों को भेजी गई है।
रिम्स प्रशासन में बदलाव के संकेत
रिम्स राज्य का सबसे बड़ा सरकारी चिकित्सा संस्थान है। ऐसे में निदेशक पद से इस्तीफा स्वीकार होने के बाद संस्थान में नए नेतृत्व की नियुक्ति को लेकर भी चर्चाएं शुरू हो गई हैं। माना जा रहा है कि सरकार जल्द ही रिम्स के प्रशासनिक ढांचे को लेकर आगे का निर्णय ले सकती है।
गौरतलब है कि रिम्स में एडमिशन और टेंडर प्रक्रिया को लेकर सामने आए आरोपों की जांच सीआईडी कर रही है। ऐसे में डॉ. राजकुमार का इस्तीफा मंजूर होना राज्य के स्वास्थ्य प्रशासन से जुड़ा एक बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है।

