रांची : झारखंड में लंबे समय से बालू संकट का सामना कर रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य के 35 बालू घाटों से अब दोबारा वैध तरीके से बालू उठाव शुरू होने जा रहा है। राज्य सरकार ने झारखंड बालू खनन नियमावली 2026 में संशोधन को मंजूरी दे दी है, जिसके बाद इन घाटों से खनन और बालू उठाव का रास्ता साफ हो गया है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश के बाद शनिवार से इन घाटों से बालू उठाव शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। अब तक जिला प्रशासन स्तर पर हस्ताक्षर की प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण खनन कार्य रुका हुआ था।
डीसी को मिला लीज स्वीकृति का अधिकार
नई व्यवस्था के तहत बालू घाटों की लीज प्रक्रिया और निगरानी की जिम्मेदारी अब संबंधित जिलों के उपायुक्तों को सौंप दी गई है। अब जिले के डीसी ही लीज डीड पर हस्ताक्षर करेंगे और खनन पट्टों को अंतिम मंजूरी देंगे।
खान एवं भूतत्व विभाग ने झारखंड बालू खनन नियमावली 2026 के नियम 14 के तहत उपायुक्तों को यह अधिकार प्रदान किया है। सरकार का मानना है कि इससे बालू घाटों के संचालन में तेजी आएगी और प्रशासनिक स्तर पर होने वाली देरी कम होगी।
35 घाटों से हर दिन होगा लाखों सीएफटी बालू उठाव
राज्य में कुल 444 बालू घाट मौजूद हैं, जिनमें से 290 घाटों की नीलामी पहले ही पूरी हो चुकी है। इनमें 35 घाट ऐसे हैं, जहां सभी जरूरी मंजूरियां मिल चुकी हैं और अब वहां से खनन कार्य शुरू करने की तैयारी पूरी कर ली गई है।
खनन विभाग के अनुसार, इन 35 घाटों से प्रतिदिन करीब 10 लाख सीएफटी बालू का उठाव संभव है। अनुमान है कि एक महीने में करीब 5 करोड़ सीएफटी बालू बाजार में उपलब्ध कराया जा सकेगा।
कालाबाजारी और अवैध खनन पर लगेगी रोक
सरकार और विभाग को उम्मीद है कि वैध तरीके से बालू उठाव शुरू होने के बाद राज्य में बालू की किल्लत काफी हद तक दूर हो जाएगी। इसके साथ ही बालू की कालाबाजारी और अवैध खनन पर भी नियंत्रण लगाने में मदद मिलेगी।
पिछले कई महीनों से बालू की कमी के कारण निर्माण कार्य प्रभावित हो रहे थे। कई जिलों में बालू की कीमतों में भी भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। ऐसे में अब आम लोगों और निर्माण कार्य से जुड़े कारोबारियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
जानकारी के अनुसार, इससे पहले बालू घाटों की नीलामी और उठाव पर अदालत की ओर से करीब पांच महीने तक रोक लगी हुई थी। अब नई व्यवस्था लागू होने के बाद सरकार राज्य में बालू आपूर्ति को सामान्य करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है।

