रांची: झारखंड सरकार ने सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा 9 के छात्रों के लिए बड़ी पहल की है। इस शैक्षणिक सत्र में छात्रों को जुलाई-अगस्त तक निश्शुल्क पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएंगी। इस योजना से राज्य के लाखों विद्यार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा।
3.67 लाख छात्रों को मिलेंगी 18.34 लाख किताबें
स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के निर्देश पर कुल 3,67,692 छात्रों को 18.34 लाख पुस्तकें मुफ्त वितरित की जाएंगी। इन पुस्तकों में एटलस, शब्दकोष, ग्रामर और सामान्य ज्ञान की किताबें शामिल हैं।
सामान्य ज्ञान की दो पुस्तकें पार्ट वन और पार्ट टू के रूप में छात्रों को दी जाएंगी।
टेंडर प्रक्रिया शुरू, 120 दिन में सप्लाई
झारखंड शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद ने किताबों की छपाई के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। चयनित प्रिंटर को कार्यादेश मिलने के 120 दिनों के भीतर प्रखंड स्तर तक किताबें पहुंचानी होंगी।
इसके बाद प्रखंड संसाधन केंद्र के माध्यम से इन पुस्तकों का वितरण स्कूलों तक किया जाएगा।
किताबों का तय होगा मानक आकार और पेज
सभी पुस्तकों का आकार 21×27 सेमी निर्धारित किया गया है। एटलस 172 पेज, शब्दकोष 660 पेज, ग्रामर 228 पेज और सामान्य ज्ञान की प्रत्येक पुस्तक 228 पेज की होगी।
सभी पुस्तकों पर स्पष्ट रूप से निश्शुल्क वितरण के लिए प्रकाशित लिखा होगा, ताकि इनके व्यावसायिक दुरुपयोग पर रोक लगाई जा सके।
ओपन मार्केट में बिक्री की भी अनुमति
टेंडर में चयनित प्रिंटर को इन पुस्तकों को ओपन मार्केट में बेचने की अनुमति भी दी जाएगी। इसके लिए उन्हें परिषद से अनुमति लेनी होगी और 2 प्रतिशत रॉयल्टी देनी होगी।
ओपन मार्केट में कीमत तय करते समय प्रिंटिंग लागत पर 20 प्रतिशत कमीशन जोड़ा जाएगा।
शिक्षा को मजबूत करने की पहल
सरकार की इस पहल को शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और छात्रों को बेहतर संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

