Jamshedpur : जमशेदपुर के मानगो स्थित ओलिडीह थाना क्षेत्र की खड़िया बस्ती में देर रात हुई फायरिंग की घटना में एक युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान सरायकेला-खरसावां जिले के राजनगर निवासी 30 वर्षीय देवदास गौड़ के रूप में हुई है। गर्दन में गोली लगने के बाद उसे गंभीर अवस्था में एमजीएम अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई और पुलिस ने तत्काल जांच शुरू कर दी।
शराब पार्टी के दौरान हुआ विवाद
पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, खड़िया बस्ती में कुछ लोग देर रात शराब और अन्य नशीले पदार्थों का सेवन कर रहे थे। इसी दौरान देवदास गौड़ और देवाशीष पोद्दार के बीच किसी बात को लेकर विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते कहासुनी बढ़ गई और मामला हिंसक रूप ले बैठा।
आरोप है कि विवाद के दौरान देवाशीष पोद्दार ने देसी कट्टा निकालकर फायरिंग कर दी। गोली सीधे देवदास गौड़ की गर्दन में लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
एएसआई समेत तीन लोग हिरासत में
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने सरायकेला-खरसावां जिले के आरआईटी थाना में तैनात एएसआई पंकज कुमार, देवाशीष पोद्दार और नीरज प्रधान को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
पुलिस ने आरोपियों के पास से घटना में इस्तेमाल किया गया एक देसी कट्टा, नशा करने से जुड़ी सामग्री और एक थार वाहन भी जब्त किया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।
अस्पताल से निकलने की कोशिश में पकड़े गए आरोपी
गोली लगने के बाद मौजूद लोग घायल देवदास को लेकर एमजीएम अस्पताल पहुंचे। पुलिस के अनुसार अस्पताल पहुंचने के बाद आरोपी वहां से निकलने की कोशिश कर रहे थे। उनकी गतिविधियां संदिग्ध लगने पर पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया और घटना को लेकर अलग-अलग बयान दिए। हालांकि सख्ती से पूछताछ के बाद उन्होंने खड़िया बस्ती में गोली चलने की बात स्वीकार कर ली। इसके बाद देवाशीष पोद्दार की निशानदेही पर पुलिस ने घटना में प्रयुक्त देसी कट्टा भी बरामद कर लिया।
जमीन विवाद के पहलू की भी जांच
जांच के दौरान जब्त की गई थार गाड़ी से जमीन से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज भी मिले हैं। इसके बाद पुलिस अब जमीन विवाद के पहलू को भी खंगाल रही है।
अधिकारियों को आशंका है कि मामला केवल शराब पार्टी के दौरान हुए विवाद तक सीमित नहीं हो सकता। इसके पीछे किसी पुराने विवाद या रंजिश की भूमिका भी हो सकती है। इसी कारण पुलिस विभिन्न बिंदुओं पर जांच आगे बढ़ा रही है।
परिवार का सहारा था देवदास गौड़
जानकारी के अनुसार, देवदास गौड़ आदित्यपुर स्थित एक निजी कंपनी में कार्यरत था और परिवार का प्रमुख सहारा था। बुधवार सुबह उसके परिजन एमजीएम अस्पताल पहुंचे, जहां युवक की मौत की खबर सुनकर परिवार में कोहराम मच गया।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक जांच और पूछताछ के बाद पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी। फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी हुई है।

