रांची: झारखंड सरकार ने राज्य के सरकारी विश्वविद्यालयों में प्रशासनिक नियुक्तियों को लेकर बड़ा फैसला लिया है। अब विश्वविद्यालयों में कुलसचिव (रजिस्ट्रार), वित्त पदाधिकारी (एफओ) और परीक्षा नियंत्रक जैसे प्रमुख पदों पर प्रतिनियुक्ति (डेपुटेशन) और कार्यकाल विस्तार का अधिकार राज्य सरकार के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के पास होगा। इससे पहले यह अधिकार राज्यपाल सह कुलाधिपति के पास था।
सभी कुलपतियों को जारी किया गया निर्देश
इस संबंध में उच्च शिक्षा निदेशक सुधीर बाड़ा ने राज्य के सभी सरकारी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को पत्र भेजकर नई व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए हैं। पत्र में कहा गया है कि वर्तमान में कार्यरत सभी अधिकारी और कर्मचारी विश्वविद्यालय अधिनियम की धारा 165 के तहत अपने दायित्वों का निर्वहन करते रहेंगे, जब तक कि राज्य सरकार उनके संबंध में कोई नया समायोजन या कार्य पुनर्निर्धारण नहीं करती।
रिक्त पदों के लिए तीन नामों का पैनल भेजना होगा
नई व्यवस्था के तहत जिन विश्वविद्यालयों में रजिस्ट्रार, वित्त पदाधिकारी या परीक्षा नियंत्रक के पद रिक्त हैं अथवा जल्द रिक्त होने वाले हैं, वहां के कुलपतियों को कार्यकाल विस्तार का प्रस्ताव भेजने या उपयुक्त शिक्षकों में से तीन नामों का पैनल तैयार कर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग को भेजने का निर्देश दिया गया है।
राज्य सरकार करेगी अंतरिम नियुक्ति
उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग आवश्यकता के अनुसार प्राप्त पैनल में शामिल नामों में से किसी एक का चयन कर संबंधित पद पर अंतरिम अधिकारी के रूप में नियुक्ति कर सकेगा। सरकार का उद्देश्य विश्वविद्यालयों में प्रशासनिक कार्यों को समयबद्ध और व्यवस्थित ढंग से संचालित करना बताया जा रहा है।

