रांची: झारखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (जेयूटी) के सेंटर फॉर इनोवेशन, इन्क्यूबेशन एंड इंटरप्रेन्योरशिप ने आदिवासी युवाओं में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘आइडिया ट्राइब-2026’ कार्यक्रम की शुरुआत की है। इस वर्ष कार्यक्रम की थीम ‘जड़ों से नवाचार, भविष्य का निर्माण’ रखी गई है।
इस पहल का उद्देश्य झारखंड में आदिवासी छात्रों के लिए मजबूत नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करना तथा वर्ष 2030 तक राज्य से 100 से अधिक आदिवासी स्टार्टअप संस्थापक तैयार करना है।
चयनित टीमों को मिलेगा 20 से 25 लाख रुपये तक का सीड फंड
कार्यक्रम के तहत प्रतिभागी अपने नवाचार आधारित व्यावसायिक विचार प्रस्तुत करेंगे। चयनित प्रतिभागियों को कुल 20 से 25 लाख रुपये तक का सीड फंड उपलब्ध कराया जाएगा।
इसके अलावा चयनित टीमों को प्री-इन्क्यूबेशन, विशेषज्ञों का मार्गदर्शन, प्रोटोटाइप विकसित करने, बौद्धिक संपदा अधिकार पंजीकरण, बाजार से जुड़ाव, निवेशकों से संपर्क और स्टार्टअप पंजीकरण जैसी सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी।
कौन-कौन ले सकता है भाग
इस प्रतियोगिता में इंजीनियरिंग, पॉलिटेक्निक, फार्मेसी, प्रबंधन, आईटीआई, कौशल विकास संस्थानों के प्रशिक्षु, आदिवासी शोधार्थी, आदिवासी पूर्व छात्र तथा युवा उद्यमी भाग ले सकते हैं।
प्रत्येक टीम में दो से पांच सदस्य होंगे और कम से कम एक सदस्य अनुसूचित जनजाति वर्ग से होना अनिवार्य होगा।
इन क्षेत्रों के आइडिया को मिलेगा प्राथमिकता
कार्यक्रम के फोकस क्षेत्रों में शामिल हैं—
- महत्वपूर्ण खनिज एवं खनन नवाचार
- आदिवासी कृषि एवं वन आधारित अर्थव्यवस्था
- हरित ऊर्जा एवं जलवायु परिवर्तन
- आदिवासी कला, संस्कृति एवं पर्यटन
- कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं डिजिटल समावेशन
- महिला नेतृत्व वाले उद्यम
पांच चरणों में होगा आयोजन
पूरे कार्यक्रम का आयोजन पांच चरणों में किया जाएगा।
पहला चरण (जुलाई-अगस्त 2026): राज्य के 65 कॉलेजों में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसका लक्ष्य 10 हजार विद्यार्थियों तक पहुंचना है।
दूसरा चरण (अगस्त-सितंबर): विभिन्न परिसरों में आइडियाथॉन आयोजित होंगे, जिनसे 300 से 350 नवाचार आधारित विचारों का चयन किया जाएगा।
तीसरा चरण (अक्टूबर): रांची, धनबाद, जमशेदपुर, दुमका और पलामू में बूटकैंप आयोजित किए जाएंगे, जहां 100 से अधिक श्रेष्ठ टीमों का चयन होगा।
चौथा चरण (नवंबर): जेयूटी, रांची में ट्राइबल इनोवेशन ग्रैंड चैलेंज आयोजित किया जाएगा, जिसमें शीर्ष 50 टीमें शॉर्टलिस्ट होंगी।
पांचवां चरण (दिसंबर): ग्रैंड फिनाले में शीर्ष 20 स्टार्टअप का चयन किया जाएगा।
विजेताओं को मिलेगा आकर्षक अनुदान
सीड ग्रांट के तहत तीन प्लेटिनम विजेताओं को दो-दो लाख रुपये, पांच गोल्ड विजेताओं को एक-एक लाख रुपये तथा 12 सिल्वर विजेताओं को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाएगी।
इसके अलावा महिला उद्यमियों और सामाजिक प्रभाव वाले स्टार्टअप के लिए विशेष अनुदान की भी व्यवस्था की गई है।

