गया: मगध रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) विकास वैभव ने महिला थाना प्रभारी खुशबू कुमारी को निलंबित कर दिया है। उन पर महिला उत्पीड़न से जुड़े मामले में प्राथमिकी दर्ज नहीं करने और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी करने का आरोप है।
क्या है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार, गया शहर के केपी रोड निवासी मंगलेश सिंह की पुत्री मनीषा कुमारी ने अपने जमशेदपुर स्थित ससुराल पक्ष के खिलाफ महिला थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए आवेदन दिया था।
आरोप है कि महिला थाना प्रभारी ने पीड़िता को जमशेदपुर जाकर मामला दर्ज कराने की सलाह दी। जब पीड़िता ने वहां जाने में असमर्थता जताई, तब भी उसके आवेदन पर एफआईआर दर्ज नहीं की गई।
सिटी एसपी के आदेश के बाद भी नहीं दर्ज हुई एफआईआर
पीड़िता ने इसके बाद सिटी एसपी से न्याय की गुहार लगाई। सिटी एसपी ने महिला थाना प्रभारी को तत्काल एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू करने का निर्देश दिया था।
इसके बावजूद महिला थाना प्रभारी ने एफआईआर दर्ज नहीं की। बाद में उन्होंने आवेदन को जीरो एफआईआर के रूप में दर्ज करने के बजाय सीधे जमशेदपुर भेज दिया।
आईजी से शिकायत के बाद हुई कार्रवाई
महिला थाना प्रभारी की कार्यशैली से असंतुष्ट पीड़िता ने मगध रेंज के आईजी विकास वैभव से शिकायत की। मामले की समीक्षा के बाद आईजी ने थाना प्रभारी खुशबू कुमारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी किया।
आईजी ने बताया निलंबन का कारण
आईजी विकास वैभव ने कहा कि महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों में सर्वोच्च न्यायालय के स्पष्ट निर्देश हैं कि पीड़िता अपनी सुविधा के अनुसार अपने मायके या ससुराल क्षेत्र के किसी भी थाने में मामला दर्ज करा सकती है।
उन्होंने कहा कि महिला थाना प्रभारी ने न केवल सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों की अनदेखी की, बल्कि वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश का भी पालन नहीं किया। इसी कारण उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई।

