रांची: झारखंड में प्रस्तावित लोकसभा और विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन को लेकर आदिवासी संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और बुद्धिजीवियों ने रांची में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। बैठक में परिसीमन के संभावित प्रभावों, विशेषकर अनुसूचित जनजाति समुदाय के राजनीतिक प्रतिनिधित्व और संवैधानिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में मौजूद प्रतिनिधियों ने आशंका जताई कि यदि परिसीमन प्रक्रिया में आदिवासी हितों का समुचित ध्यान नहीं रखा गया तो इसका राज्य की सामाजिक और राजनीतिक व्यवस्था पर व्यापक प्रभाव पड़ सकता है। इस दौरान सर्वसम्मति से राज्यभर में जनजागरण अभियान चलाने और अगस्त में आदिवासी समाज की एक बड़ी महाजुटान रैली आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
अगस्त में होगी आदिवासी एकता महाजुटान रैली
बैठक में तय किया गया कि अगस्त में प्रस्तावित आदिवासी एकता महाजुटान रैली में झारखंड के सभी 24 जिलों से बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। आयोजकों का लक्ष्य राज्यभर से आदिवासी समाज के लोगों को एक मंच पर लाकर परिसीमन से जुड़े मुद्दों को लोकतांत्रिक तरीके से उठाना है।
प्रतिनिधियों का कहना है कि रैली के माध्यम से सरकार और संबंधित संवैधानिक संस्थाओं तक आदिवासी समाज की चिंताओं और मांगों को प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाएगा।
गांव-गांव चलेगा जनजागरण अभियान
बैठक में रैली से पहले पूरे राज्य में चरणबद्ध जनसंपर्क और जनजागरण अभियान चलाने का भी निर्णय लिया गया। इसके तहत गांवों और प्रखंड स्तर तक लोगों को परिसीमन प्रक्रिया, उसके संभावित प्रभावों तथा अनुसूचित जनजातियों के संवैधानिक अधिकारों और राजनीतिक प्रतिनिधित्व के महत्व के बारे में जागरूक किया जाएगा।
आंदोलन के लिए बनेंगी विशेष समितियां
आंदोलन को संगठित और प्रभावी बनाने के लिए कई समितियों के गठन का निर्णय लिया गया। प्रचार-प्रसार और मीडिया समन्वय के लिए राज्य स्तर पर पांच प्रवक्ताओं की नियुक्ति की जाएगी। साथ ही सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अभियान को मजबूत करने के लिए विशेष आईटी सेल का गठन किया जाएगा।
इसके अलावा आंदोलन की रणनीति, समन्वय और संचालन के लिए एक वार रूम भी बनाया जाएगा।
सभी जिलों में होंगे समन्वयक और प्रवक्ता
बैठक में निर्णय लिया गया कि झारखंड के सभी 24 जिलों में जिला समन्वयक और जिला प्रवक्ताओं की नियुक्ति की जाएगी। उनकी जिम्मेदारी स्थानीय स्तर पर जनसंपर्क अभियान चलाने, बैठकें आयोजित करने और परिसीमन से जुड़े मुद्दों की जानकारी लोगों तक पहुंचाने की होगी।
निकलेगा जागरूकता रथ, राष्ट्रपति समेत कई पदाधिकारियों से मिलेगा प्रतिनिधिमंडल
बैठक में राज्यभर में जागरूकता रथ निकालने का भी फैसला लिया गया। यह रथ विभिन्न जिलों और गांवों का दौरा कर लोगों को परिसीमन से जुड़े विषयों की जानकारी देगा।
इसके साथ ही एक प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति, झारखंड के राज्यपाल, केंद्रीय कानून मंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता और राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग से मुलाकात कर आदिवासी समाज की चिंताओं और मांगों से अवगत कराएगा।
कई सामाजिक कार्यकर्ता और बुद्धिजीवी रहे मौजूद
बैठक में बंधु तिर्की, रमा खलखो, शशि पन्ना, अजय तिर्की, ग्लैडसन डुंगडुंग, बिनसाय मुंडा, राजेश लिंडा, अनिल अमिताभ पन्ना, सुषमा बिरुली, लक्ष्मी नारायण मुंडा, वाल्टर कंडुलना, शिवा कच्छप, अनिल उरांव और गोविंद टोप्पो सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी और विभिन्न आदिवासी संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

