देवघर: भगवान भोलेनाथ के पावन सावन मास की शुरुआत 30 जुलाई से होने जा रही है। इससे एक दिन पहले 29 जुलाई को विश्व प्रसिद्ध राजकीय श्रावणी मेला 2026 का विधिवत उद्घाटन किया जाएगा। दुम्मा स्थित झारखंड प्रवेश द्वार पर सुबह 10:30 बजे राज्य के मंत्री सुदिव्य कुमार, संजय प्रसाद यादव और दीपिका पांडेय सिंह संयुक्त रूप से मेले का उद्घाटन करेंगे। उद्घाटन के साथ ही बाबा बैद्यनाथ धाम में कांवरियों की भीड़ बढ़ने की संभावना है।
28 अगस्त तक स्पर्श पूजा रहेगी बंद
मंदिर प्रशासन के अनुसार 30 जुलाई से 28 अगस्त की दोपहर तक बाबा बैद्यनाथ मंदिर में स्पर्श पूजा पूरी तरह बंद रहेगी। इस अवधि में श्रद्धालु केवल अरघा के माध्यम से जलार्पण कर सकेंगे। यह व्यवस्था भीड़ नियंत्रण और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लागू की गई है।
पहली बार प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग द्वार
श्रावणी मेले में इस वर्ष श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कई नई व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। पहली बार मंदिर परिसर में प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग द्वार निर्धारित किए गए हैं। साथ ही बाह्य अरघा की व्यवस्था को भी प्रभावी बनाया गया है, जिससे अधिक संख्या में श्रद्धालु आसानी से जलार्पण कर सकेंगे।
मुख्य और बाह्य अरघा से होगा जलार्पण
मंदिर प्रशासन के अनुसार सामान्य कतार और शीघ्रदर्शनम कूपन वाले श्रद्धालु गर्भगृह के मंझला खंड में स्थित मुख्य अरघा से जलार्पण करेंगे। वहीं निकास द्वार के पास बनाए गए बाह्य अरघा को पाइपलाइन के माध्यम से मुख्य अरघा से जोड़ा गया है। यहां अर्पित किया गया जल सीधे बाबा बैद्यनाथ पर चढ़ेगा। बाह्य अरघा से जलार्पण करने वाले श्रद्धालु मंदिर की छत पर लगी एलईडी स्क्रीन पर जलाभिषेक का सीधा दर्शन भी कर सकेंगे।
पार्वती मंदिर के लिए बदली गई कतार व्यवस्था
इस बार पार्वती मंदिर में पूजा के लिए भी नई कतार व्यवस्था लागू की गई है। बाबा मंदिर में जलार्पण के बाद श्रद्धालुओं को पूर्वी द्वार से बाहर निकलना होगा। इसके बाद बड़ा बाजार होते हुए नाथबाड़ी पहुंचकर पार्वती मंदिर के लिए निर्धारित कतार में शामिल होना होगा।
श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण निर्देश
- 30 जुलाई से 28 अगस्त तक बाबा मंदिर में स्पर्श पूजा बंद रहेगी।
- सभी श्रद्धालु अरघा के माध्यम से ही जलार्पण कर सकेंगे।
- शीघ्रदर्शनम कूपन के लिए प्रति श्रद्धालु 600 रुपये शुल्क निर्धारित है।
- कूपनधारी श्रद्धालुओं को सुविधा केंद्र से कतार में लगकर वीआईपी गेट से प्रवेश मिलेगा।
- बाह्य अरघा से चढ़ाया गया जल पाइपलाइन के जरिए सीधे बाबा बैद्यनाथ पर अर्पित होगा।
- बाह्य अरघा पर जलार्पण करने वाले श्रद्धालु एलईडी स्क्रीन पर लाइव दर्शन कर सकेंगे।
- मंदिर परिसर में प्रवेश सिंह द्वार और वीआईपी गेट से किया जाएगा।

