पटना : ज्ञान बिंदु कोचिंग एकेडमी के निदेशक रौशन आनंद ने एक बार फिर चर्चित शिक्षक खान सर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बुधवार को रौशन आनंद कदमकुआं थाना पहुंचे और अपने छोटे भाई प्रिंस यादव की हत्या, खुद को झूठे मुकदमे में फंसाने तथा साजिश के तहत परिवार को बर्बाद करने का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की। इस दौरान उनके साथ बड़ी संख्या में छात्र और समर्थक भी मौजूद रहे।
एफआईआर दर्ज नहीं होने पर थाने के बाहर धरना
रौशन आनंद ने आरोप लगाया कि पुलिस उनकी शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज नहीं कर रही है। इसके विरोध में वह कदमकुआं थाना परिसर के बाहर धरने पर बैठ गए। उनके समर्थकों ने भी पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
मीडिया से बातचीत में रौशन आनंद ने कहा कि उनके खिलाफ साजिश रची गई, उन्हें जेल भेजा गया और उनके भाई की हत्या कराई गई। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभावशाली लोगों के दबाव में पुलिस प्राथमिकी दर्ज करने से बच रही है।
उन्होंने कहा कि यदि उनकी शिकायत पर मामला दर्ज नहीं किया गया तो वह न्याय के लिए संघर्ष जारी रखेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर न्यायालय का दरवाजा खटखटाया जाएगा।
आईजी जितेंद्र राणा ने की मुलाकात
स्थिति को देखते हुए पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी सक्रिय हुए। जानकारी के अनुसार आईजी जितेंद्र राणा ने रौशन आनंद से मुलाकात की और मामले को लेकर बातचीत की।
रौशन आनंद ने दावा किया कि उन्हें आश्वासन दिया गया है कि शिकायत की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि प्राथमिकी दर्ज नहीं होती है तो वे कानूनी विकल्प अपनाएंगे।
आवेदन में लगाए गए गंभीर आरोप
कदमकुआं थाना को दिए गए आवेदन में रौशन आनंद ने कहा है कि वह मुसल्लहपुर हाट स्थित ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी का संचालन करते हैं। उनके अनुसार, समीप ही फैजल खान उर्फ खान सर का कोचिंग संस्थान संचालित होता है।
आवेदन में उल्लेख किया गया है कि 2 जून 2026 की रात दोनों कोचिंग संस्थानों के कर्मचारियों के बीच पोस्टर हटाने को लेकर विवाद और मारपीट हुई थी। इस घटना में एक सुरक्षा गार्ड घायल हुआ था।
रौशन आनंद का दावा है कि घटना के समय न तो वह स्वयं, न उनके भाई प्रिंस यादव और न ही अभिषेक मौके पर मौजूद थे। इसके बावजूद उन्हें मामले में फंसाया गया।
कई लोगों को बनाया नामजद
अपने आवेदन में रौशन आनंद ने फैजल खान, डॉ. रामाशंकर प्रसाद, कन्हैया कुमार सिंह समेत अन्य लोगों पर आपराधिक षड्यंत्र रचने का आरोप लगाया है।
उन्होंने बताया कि 15 जून 2026 को जेल से रिहा होने के बाद उन्होंने अपने पैतृक गांव में भाई का अंतिम संस्कार और अन्य धार्मिक अनुष्ठान पूरे किए। इसके बाद पटना लौटकर उन्होंने पुलिस को लिखित शिकायत सौंपी।
आवेदन के अंत में उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि आरोपितों के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि उन्हें और उनके परिवार को न्याय मिल सके।

