जमशेदपुर: जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने शहर के आमबागान मैदान के सौंदर्यीकरण और इसे नेताजी सुभाष चंद्र बोस की स्मृतियों से जुड़े एक प्रमुख स्मारक एवं पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की मांग उठाई है। इस संबंध में उन्होंने टाटा स्टील के वाइस प्रेसिडेंट कॉरपोरेट सर्विसेज तथा पूर्वी सिंहभूम के जिलाधिकारी को पत्र लिखकर शीघ्र कार्रवाई का अनुरोध किया है।
अधूरी रह गई सौंदर्यीकरण योजना
सरयू राय ने कहा कि आमबागान शहर का हृदयस्थल है। वर्ष 2014 से 2019 के दौरान मंत्री रहते हुए उन्होंने इस मैदान का नाम बदलकर नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्मारक मैदान करने का प्रस्ताव भेजा था। शहर के नागरिकों के साथ बैठक के बाद योजना को स्वीकृति भी मिली और तत्कालीन जुस्को ने विकास कार्य शुरू किया था, लेकिन वर्ष 2019 के बाद यह योजना अधूरी रह गई।
कबाड़ और अवैध पार्किंग का केंद्र बन रहा मैदान
विधायक ने कहा कि वर्तमान में आमबागान मैदान की स्थिति चिंताजनक है। मैदान धीरे-धीरे कबाड़ रखने और अनधिकृत पार्किंग का स्थल बनता जा रहा है। यहां स्थापित नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा के आसपास भी कबाड़ फैला रहता है, जो शहर की गरिमा और नेताजी के सम्मान के अनुरूप नहीं है।
टाटा स्टील ने पहले जताई थी सहमति
सरयू राय ने बताया कि करीब आठ महीने पहले उन्होंने टाटा स्टील के वाइस प्रेसिडेंट कॉरपोरेट सर्विसेज से इस विषय पर विस्तार से चर्चा की थी। उस समय कंपनी ने मैदान के सौंदर्यीकरण के लिए सिद्धांततः सहमति दी थी। इसके अलावा तत्कालीन जिलाधिकारी ने भी हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया था, लेकिन योजना पर आगे काम नहीं हो सका।
ऑडियो-विजुअल माध्यम से दिखे नेताजी का इतिहास
सरयू राय ने सुझाव दिया कि आमबागान मैदान को आधुनिक स्वरूप देते हुए यहां आजादी के आंदोलन से लेकर नेताजी सुभाष चंद्र बोस के रहस्यमय ढंग से लापता होने तक की महत्वपूर्ण घटनाओं को ऑडियो-विजुअल माध्यम से प्रदर्शित किया जाए। इससे नई पीढ़ी को नेताजी के जीवन, संघर्ष और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान की विस्तृत जानकारी मिल सकेगी।
उन्होंने कहा कि यदि इस स्थल का योजनाबद्ध तरीके से विकास किया जाता है और नेताजी से जुड़ी ऐतिहासिक स्मृतियों को संरक्षित किया जाता है, तो यह न केवल जमशेदपुर की ऐतिहासिक पहचान को मजबूत करेगा, बल्कि शहर का एक प्रमुख पर्यटन केंद्र भी बन सकता है। इस संबंध में उन्होंने टाटा स्टील प्रबंधन और पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन को औपचारिक पत्र भेजकर आवश्यक कार्रवाई का आग्रह किया है।

