रांची : रांची के चर्चित डीएवी कपिलदेव स्कूल यौन उत्पीड़न मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए पूर्व प्राचार्य मनोज कुमार सिन्हा को दोषी करार दिया है। यह मामला वर्ष 2022 में सामने आया था और उस समय पूरे शिक्षा जगत में भारी चर्चा का विषय बन गया था।
स्कूल की महिला नर्स ने दर्ज कराई थी शिकायत
इस मामले की शुरुआत तब हुई जब अरगोड़ा थाना में स्कूल की एक महिला नर्स ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि तत्कालीन प्राचार्य मनोज कुमार सिन्हा उन्हें लगातार परेशान करते थे और अश्लील संदेश भेजते थे।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया था कि आरोपी द्वारा मानसिक दबाव बनाने और अनुचित लाभ लेने की कोशिश की गई।
कोर्ट में लंबे समय तक चला ट्रायल
मामले की सुनवाई रांची सिविल कोर्ट में लंबे समय तक चली। पुलिस ने जांच के बाद चार्जशीट दाखिल की और अदालत में कई महत्वपूर्ण सबूत प्रस्तुत किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराया।
कार्रवाई और गिरफ्तारी
मामला सामने आने के बाद डीएवी कपिलदेव स्कूल प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मनोज कुमार सिन्हा को उनके पद से हटा दिया था। इसके बाद पुलिस ने उनकी तलाश शुरू की और कुछ समय फरार रहने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था।
जमानत रद्द होने के बाद बढ़ी थी चर्चा
पहले आरोपी को हाईकोर्ट से जमानत मिली थी, लेकिन बाद में पीड़िता की शिकायत के आधार पर जमानत रद्द कर दी गई। पीड़िता ने आरोप लगाया था कि जमानत के बाद भी उस पर दबाव बनाने की कोशिश की गई।
अदालत के इस फैसले के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। लोगों का कहना है कि कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर और सख्त कदम उठाने की जरूरत है, ताकि ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

