रांची: झारखंड आंदोलनकारी समन्वय समिति की अहम बैठक रविवार को धुर्वा स्थित कांशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता डॉ. अजय नाथ शाहदेव ने की, जिसमें राज्यभर के प्रमुख आंदोलनकारी नेताओं ने हिस्सा लिया।
बैठक में संगठन को मजबूत करने, आंदोलन को तेज करने और सरकार पर दबाव बनाने को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
शिबू सोरेन की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा का ऐलान
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि ‘दिशोम गुरु’ शिबू सोरेन की पहली पुण्यतिथि के अवसर पर अगस्त माह में रांची के मोरहाबादी मैदान में एक वृहद श्रद्धांजलि सभा आयोजित की जाएगी। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सहित राज्य सरकार के मंत्रियों को आमंत्रित किया जाएगा।
संगठन विस्तार और ज्ञापन सौंपने का निर्णय
समिति ने अगले दो महीनों के भीतर राज्य के सभी पांच प्रमंडलों में बैठक आयोजित कर संगठन के विस्तार का निर्णय लिया। इसके साथ ही एक संयोजक मंडली का गठन कर मुख्यमंत्री और मंत्रियों को 15 सूत्री मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा जाएगा।
ज्ञापन में ‘गुरूजी मॉडल’ लागू करने और झारखंड आंदोलनकारी कल्याण बोर्ड के गठन की मांग प्रमुख रूप से शामिल होगी।
आंदोलनकारियों के अधिकारों की रक्षा पर जोर
बैठक में मौजूद नेताओं ने एक स्वर में आंदोलनकारियों के अधिकारों की रक्षा और उनकी उपेक्षा के खिलाफ आवाज उठाने की आवश्यकता पर बल दिया। यह भी कहा गया कि जो जनप्रतिनिधि आंदोलनकारियों की आवाज को सड़क से सदन तक उठाएंगे, उन्हें सम्मानित किया जाएगा, चाहे वे किसी भी राजनीतिक दल से जुड़े हों।
फर्जी आंदोलनकारियों पर कार्रवाई की मांग
समिति ने फर्जी तरीके से आंदोलनकारी चिन्हित किए गए लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। इसके लिए उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों की पहचान रद्द करने और विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही गई।
सरकार को चेतावनी
बैठक में नेताओं ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं हुई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
कार्यक्रम में रमेश कुमार साहु, राजू महतो, मो. कय्यूम खान, महावीर विश्वकर्मा, किशोर किस्कू, प्रतिभा पांडेय, नीरू शांति भगत सहित कई वरिष्ठ आंदोलनकारी और विभिन्न प्रमंडलों से बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
