रांची: झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने कहा है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान का उद्देश्य पूरी तरह स्पष्ट है। उन्होंने कहा कि एक भी पात्र भारतीय नागरिक का नाम मतदाता सूची से नहीं हटना चाहिए और एक भी अपात्र व्यक्ति का नाम सूची में शामिल नहीं होना चाहिए।
शनिवार को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय में आयोजित “स्टेट लेवल क्रिएटर्स मीट 2026” में ऑनलाइन और ऑफलाइन जुड़े डिजिटल क्रिएटर्स को संबोधित करते हुए उन्होंने मतदाता सूची पुनरीक्षण की पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग इस अभियान को पूरी पारदर्शिता के साथ संचालित कर रहा है और इसमें आम नागरिकों की भागीदारी भी बेहद महत्वपूर्ण है।
सही जानकारी साझा करने की अपील
के. रवि कुमार ने कहा कि वर्तमान समय में सोशल मीडिया लोगों तक सूचना पहुंचाने का सबसे प्रभावी माध्यम बन चुका है। ऐसे में डिजिटल क्रिएटर्स की जिम्मेदारी है कि वे केवल तथ्यात्मक और प्रमाणिक जानकारी ही साझा करें, ताकि मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर किसी प्रकार की अफवाह या भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो।
उन्होंने सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म संचालकों से चुनाव आयोग की आधिकारिक जानकारी को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने की अपील की।
30 जून से घर-घर पहुंचेंगे बीएलओ
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि 30 जून से 29 जुलाई तक बूथ लेवल अधिकारी प्रत्येक मतदाता के घर जाकर आंशिक रूप से भरे हुए इन्यूमरेशन फॉर्म की दो प्रतियां उपलब्ध कराएंगे।
मतदाताओं को फॉर्म भरकर उसकी एक प्रति बीएलओ को जमा करनी होगी, जबकि दूसरी प्रति रसीद के रूप में अपने पास सुरक्षित रखनी होगी।
सामान्य मतदाताओं से नहीं मांगे जाएंगे अतिरिक्त दस्तावेज
उन्होंने स्पष्ट किया कि फॉर्म भरने के लिए सामान्य तौर पर किसी अतिरिक्त दस्तावेज की आवश्यकता नहीं होगी। जिन मतदाताओं का विवरण पहले से सत्यापित और मैप हो चुका है, उनसे कोई अतिरिक्त दस्तावेज नहीं मांगा जाएगा।
हालांकि जिन मामलों में सत्यापन या मैपिंग पूरी नहीं हो सकेगी, केवल उन्हीं मतदाताओं से आवश्यक दस्तावेज मांगे जाएंगे।
5 अगस्त को जारी होगी प्रारूप मतदाता सूची
के. रवि कुमार ने बताया कि सभी प्राप्त फॉर्मों के सत्यापन के बाद 5 अगस्त को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत दावे और आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा।
उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 326 का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रत्येक पात्र नागरिक को मतदान का अधिकार सुनिश्चित करना चुनाव आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मतदाताओं को जागरूक करने का आह्वान
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने डिजिटल क्रिएटर्स से अपील की कि वे अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की सही जानकारी आम लोगों तक पहुंचाएं और मतदाताओं को इस प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए जागरूक करें।

