गढ़वा : झारखंड के गढ़वा जिले में शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा अभियान चलाया है। जिलाधिकारी सह जिला दंडाधिकारी अनन्य मित्तल के निर्देश पर जिले के 67 प्राथमिक, मध्य और उच्च विद्यालयों में एक साथ औचक निरीक्षण किया गया।

इस कार्रवाई में जिला शिक्षा पदाधिकारी कैसर रजा और जिला शिक्षा अधीक्षक अनुराग मिंज के नेतृत्व में अलग-अलग टीमों ने स्कूलों का निरीक्षण किया। एक साथ इतने बड़े पैमाने पर जांच होने से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया।

निरीक्षण में सामने आई गंभीर लापरवाही

निरीक्षण के दौरान कई स्कूलों में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। कुछ विद्यालयों में शिक्षक बिना सूचना के अनुपस्थित पाए गए, जबकि कुछ स्कूलों में ताले लटके मिले। इससे सरकारी स्कूलों की वास्तविक स्थिति उजागर हो गई।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बच्चों की शिक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

रंका और मेराल में कार्रवाई तेज

रंका प्रखंड में जिला शिक्षा पदाधिकारी कैसर रजा ने कई विद्यालयों का निरीक्षण किया, जिसमें प्लस टू उच्च विद्यालय और अन्य स्कूल शामिल थे। यहां कई शिक्षक अनुपस्थित पाए गए, जिसके बाद उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है और विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

वहीं मेराल प्रखंड के कोलोदोहर प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण करने पहुंचे जिला शिक्षा अधीक्षक अनुराग मिंज को स्कूल बंद मिला, जिसे गंभीर लापरवाही माना गया है। संबंधित जिम्मेदारों से जवाब तलब किया गया है।

कस्तूरबा विद्यालयों की भी जांच

निरीक्षण अभियान के तहत कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की भी जांच की गई। यहां छात्राओं के आवास, भोजन, सुरक्षा और शिक्षा व्यवस्था का आकलन किया गया। कुछ विद्यालयों में व्यवस्था संतोषजनक रही, जबकि कई जगहों पर सुधार की आवश्यकता पाई गई।

प्रशासन का सख्त संदेश

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि केवल उपस्थिति दर्ज कराना पर्याप्त नहीं है, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना अनिवार्य है। जिला प्रशासन ने कहा कि भविष्य में भी ऐसे औचक निरीक्षण लगातार जारी रहेंगे ताकि शिक्षा व्यवस्था में सुधार सुनिश्चित किया जा सके।


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