लोहरदगा: झारखंड के लोहरदगा शहर के बीचों-बीच स्थित विक्टोरिया तालाब केवल एक जलाशय नहीं, बल्कि औपनिवेशिक इतिहास की जीवंत निशानी है। करीब 22 एकड़ क्षेत्रफल में फैले इस तालाब का निर्माण अंग्रेजी शासन के दौरान कैदियों से कराया गया था। लगभग 139 वर्षों से अधिक समय से यह तालाब शहर के हजारों लोगों की जल आवश्यकता पूरी करने के साथ-साथ अपने भीतर इतिहास की कई परतें समेटे हुए है।
महारानी विक्टोरिया के नाम पर रखा गया तालाब का नाम
इतिहासकारों के अनुसार, 1857 से 1881 के बीच अंग्रेजी हुकूमत ने लोहरदगा में इस विशाल तालाब का निर्माण कराया। ब्रिटिश शासन ने अपनी महारानी विक्टोरिया के सम्मान में इसका नाम विक्टोरिया तालाब रखा। बड़े क्षेत्र में फैले होने के कारण स्थानीय लोग इसे बड़ा तालाब के नाम से भी जानते हैं।
ब्रिटिश शासन का महत्वपूर्ण प्रशासनिक केंद्र था लोहरदगा
औपनिवेशिक काल में लोहरदगा का सामरिक और प्रशासनिक महत्व काफी अधिक था। वर्ष 1833 में अंग्रेजों ने साउथ वेस्ट फ्रंटियर एजेंसी का मुख्यालय लोहरदगा में स्थापित किया। वर्ष 1857 के दौरान यह छोटानागपुर कमिश्नरी का प्रमुख नगर था, जबकि 1881 तक यह सेना के नॉर्थ ईस्ट फ्रंटियर पोस्ट का मुख्यालय बना रहा।
इसी अवधि में अंग्रेजों ने शहर में शंख पुल, नगरपालिका भवन, कंडरा, चिरी, शंख नदी के किनारे वॉच टावर सहित कई महत्वपूर्ण संरचनाओं का निर्माण कराया। विक्टोरिया तालाब भी इन्हीं ऐतिहासिक निर्माणों में शामिल है।
कैदियों से कराई गई थी तालाब की खुदाई
सामाजिक कार्यकर्ता और लोहरदगा के इतिहास के जानकार संजय बर्मन बताते हैं कि अंग्रेजी शासन ने दंडित कैदियों से इस तालाब की खुदाई कराई थी। समय के साथ उपेक्षा और अतिक्रमण के कारण तालाब का क्षेत्रफल धीरे-धीरे सिकुड़ता गया, जिससे इसकी मूल संरचना प्रभावित हुई।
कभी पेयजल का प्रमुख स्रोत था विक्टोरिया तालाब
करीब 40 से 45 वर्ष पहले तक विक्टोरिया तालाब का पानी इतना स्वच्छ और निर्मल था कि पावरगंज, मिशन चौक, निंगनी, चंदकोपा और नदिया गांव सहित आसपास के क्षेत्रों के लोग इसी पानी का उपयोग पीने और भोजन बनाने के लिए करते थे। यह तालाब लंबे समय तक शहर के प्रमुख पेयजल स्रोत के रूप में भी जाना जाता रहा।
आज भी विक्टोरिया तालाब लोहरदगा की ऐतिहासिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। स्थानीय लोग इसके संरक्षण और सौंदर्यीकरण की मांग कर रहे हैं, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इस ऐतिहासिक धरोहर से परिचित हो सकें।

