रांची: जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे विद्यार्थियों का सोमवार सुबह विधानसभा मार्च शुरू हो गया। सुबह करीब 7 बजे से ही बड़ी संख्या में छात्र जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से पुरानी विधानसभा की ओर बढ़ने लगे। कई विद्यार्थी ऑटो और ई-रिक्शा से भी विधानसभा की तरफ जाते नजर आए।
आंदोलनकारी छात्रों की मुख्य मांग है कि राज्य सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करे और लिखित रूप में आश्वासन दे कि जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में हुई कथित गड़बड़ियों के मामले में ठोस कार्रवाई की जाएगी।
तिरंगा लेकर विधानसभा की ओर बढ़े विद्यार्थी
विधानसभा मार्च में शामिल विद्यार्थी हाथों में तिरंगा लेकर आगे बढ़ रहे हैं। मार्च से पहले धरना स्थल से छात्रों को शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ने का निर्देश दिया गया। आंदोलनकारियों से किसी भी तरह का उग्र प्रदर्शन करने या प्रशासन के साथ टकराव से बचने की अपील की गई।
छात्रों को यह भी स्पष्ट रूप से कहा गया कि आंदोलन के दौरान किसी तरह की हिंसा या उग्रता होने पर छात्र संगठन उनका समर्थन नहीं करेंगे। आंदोलनकारियों से अनुशासन बनाए रखने और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रखने की अपील की गई है।
प्रशासन ने भी छात्रों को किया आगाह
विधानसभा मार्च को लेकर रांची जिला प्रशासन ने भी छात्रों से शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने की अपील की है। प्रशासन की ओर से कहा गया है कि छात्र लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग रखें और किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति पैदा न करें।
प्रशासन ने छात्रों को यह भी आगाह किया है कि सरकारी और निजी संस्थानों में नियुक्ति के दौरान पुलिस सत्यापन की प्रक्रिया होती है। किसी व्यक्ति का आचरण गलत पाए जाने पर इसका असर उसके भविष्य और रोजगार पर पड़ सकता है।
लिखित आश्वासन की मांग पर अड़े छात्र
आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर लंबे समय से प्रदर्शन कर रहे हैं। सरकार के साथ बातचीत के बावजूद अभी तक ऐसा कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आया है, जिससे आंदोलन समाप्त किया जा सके।
छात्रों का कहना है कि उन्हें केवल मौखिक आश्वासन नहीं, बल्कि जेपीएससी और जेएसएससी से जुड़े मामलों में कार्रवाई को लेकर सरकार की ओर से लिखित आश्वासन चाहिए। इसी मांग को लेकर छात्र विधानसभा की ओर मार्च कर रहे हैं।
प्रशासन और छात्र संगठनों की ओर से शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अपील के बीच अब सबकी नजर विधानसभा के आसपास की स्थिति और सरकार की अगली पहल पर है।

