रांची: झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर हेमंत सोरेन सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने, झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) के अध्यक्ष, परीक्षा नियंत्रक एवं सचिव को तत्काल बर्खास्त करने तथा संबंधित अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी की मांग की है।
सोशल मीडिया पर सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट करते हुए आरोप लगाया कि भर्ती परीक्षाओं में कथित तौर पर अभ्यर्थियों को नेपाल, बिहार और पश्चिम बंगाल ले जाकर प्रश्न याद कराए गए, जिनमें से बड़ी संख्या में प्रश्न परीक्षा में आए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि परीक्षा के दौरान इंटरनेट सेवा बंद कर कथित अनियमितताओं को अंजाम दिया गया।
उन्होंने दावा किया कि पैसों के लेन-देन के कारण ही JSSC ने 26 हजार सहायक आचार्य पदों का परिणाम एक साथ जारी करने के बजाय चरणबद्ध तरीके से प्रकाशित किया।
CID जांच पर भी उठाए सवाल
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि मामले की शुरुआती जांच सही दिशा में आगे बढ़ रही थी, लेकिन बाद में जांच टीम में बदलाव कर दिया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ अधिकारियों की नियुक्ति और भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उनके अनुसार, पूरे मामले में पारदर्शी जांच सुनिश्चित करना आवश्यक है।
छात्रों के समर्थन की अपील
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता राज्य के भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने झारखंडवासियों से छात्रों का समर्थन करने की अपील करते हुए कहा कि यह राज्य के युवाओं और भविष्य से जुड़ा मुद्दा है।
उन्होंने कहा कि यदि भर्ती प्रक्रियाओं में किसी प्रकार की अनियमितता हुई है, तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।

