रांची : झारखंड में दूसरे राज्यों से आकर चिकित्सा सेवा देने वाले डॉक्टरों को जल्द बड़ी राहत मिल सकती है। स्वास्थ्य विभाग ने झारखंड स्टेट मेडिकल काउंसिल रूल 2023 में संशोधन की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए विभाग की ओर से प्रस्ताव तैयार किया गया है, जिसे जल्द ही राज्य सरकार को भेजा जाएगा।
इस संबंध में गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग के नोडल पदाधिकारी Chhavi Ranjan की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक अपर मुख्य सचिव Ajay Kumar के मार्गदर्शन में हुई, जिसमें नियमों में बदलाव को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
विशेषज्ञ डॉक्टरों के लिए प्रक्रिया होगी आसान
बैठक में छवि रंजन ने कहा कि विभागीय स्तर पर विचार-विमर्श के बाद संशोधन प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि इसका उद्देश्य दूसरे राज्यों से आने वाले योग्य और पहले से पंजीकृत डॉक्टरों के लिए झारखंड में सेवा देना आसान बनाना है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता मरीजों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। यदि विशेषज्ञ डॉक्टरों के लिए प्रक्रिया सरल होगी, तो राज्य के लोगों को सुपर स्पेशियलिटी और आधुनिक चिकित्सा सेवाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा।
वर्तमान नियमों से हो रही परेशानी
बैठक में मौजूद सदस्यों ने बताया कि मौजूदा नियमों के कारण दूसरे राज्यों से आने वाले विशेषज्ञ डॉक्टरों को कई अतिरिक्त औपचारिकताओं से गुजरना पड़ता है। इससे राज्य में विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता प्रभावित होती है।
फिलहाल नियम यह है कि झारखंड में प्रैक्टिस करने वाले सभी डॉक्टरों को राज्य मेडिकल काउंसिल में अलग से निबंधन कराना अनिवार्य है। भले ही डॉक्टर राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग या किसी अन्य राज्य मेडिकल काउंसिल में पहले से पंजीकृत हों, उन्हें झारखंड में अलग से रजिस्ट्रेशन कराना पड़ता है।
बिना निबंधन के डॉक्टर राज्य में चिकित्सा सेवा नहीं दे सकते।
बैठक में कई अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में झारखंड मेडिकल काउंसिल के अध्यक्ष Dr. Sahir Pal, रजिस्ट्रार सह सचिव Dr. Vimlesh Kumar Singh और स्टेट आईएमए झारखंड के प्रतिनिधि Dr. Shambhu Prasad भी मौजूद रहे।
स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि नियमों में संशोधन होने से राज्य में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ेगी और मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधा मिल सकेगी।

