रांची: आयकर विभाग द्वारा रामकृपाल कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड और उससे जुड़ी कंपनियों के परिसरों पर चलाया गया सर्वे रविवार दोपहर समाप्त हो गया। रांची, बेगूसराय और गुरुग्राम में लगातार चार दिनों तक चली इस कार्रवाई के दौरान विभाग को करीब 350 करोड़ रुपये की अघोषित आय से जुड़े महत्वपूर्ण प्रारंभिक साक्ष्य मिलने का दावा किया गया है।
हार्ड डिस्क, मोबाइल और दस्तावेज किए गए जब्त
जांच के दौरान आयकर विभाग की टीम ने विभिन्न परिसरों से हार्ड डिस्क, कंप्यूटर, मोबाइल फोन और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं। अब इन सभी डिजिटल और भौतिक साक्ष्यों का विस्तृत वित्तीय एवं फॉरेंसिक विश्लेषण किया जाएगा।
200 करोड़ रुपये के नकद खर्च पर सवाल
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कंपनी द्वारा किए गए करीब 200 करोड़ रुपये के नकद खर्च का संतोषजनक विवरण उपलब्ध नहीं कराया जा सका। इसके अलावा जांच एजेंसी को लगभग 50 करोड़ रुपये की नकदी हवाला नेटवर्क के माध्यम से जुटाए जाने के संकेत भी मिले हैं।
फर्जी खरीद और बेहिसाबी लेन-देन के इनपुट
जांच के दौरान फर्जी खरीद, अस्तित्वहीन कंपनियों के नाम पर लेन-देन और अन्य बेहिसाबी वित्तीय लेन-देन से जुड़े इनपुट भी सामने आए हैं। आयकर विभाग इन सभी पहलुओं की गहन जांच कर रहा है।
फॉरेंसिक जांच के बाद जारी होंगे नोटिस
आयकर विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों और दस्तावेजों की फॉरेंसिक जांच पूरी होने के बाद संबंधित कंपनियों और जिम्मेदार अधिकारियों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

