पलामू : झारखंड के पलामू जिले के पड़वा प्रखंड स्थित सिक्का गांव में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले को राज्य सरकार ने गंभीरता से लिया है। वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि उपचाराधीन लाखो देवी के इलाज में किसी प्रकार की कमी नहीं रहने दी जाएगी। जरूरत पड़ने पर उन्हें राज्य सरकार के खर्च पर देश के किसी बड़े अस्पताल में भी भेजा जाएगा।

रिम्स पहुंचकर मंत्री ने की समीक्षा बैठक

घटना की गंभीरता को देखते हुए वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह के साथ रांची स्थित रिम्स का दौरा किया। उन्होंने भर्ती मरीजों का हालचाल जाना और 11 सदस्यीय चिकित्सकों की टीम के साथ आपात समीक्षा बैठक की। मंत्री ने डॉक्टरों को मरीजों के इलाज में पूरी संवेदनशीलता और तत्परता बरतने के निर्देश दिए।

इलाज के दौरान तीन और लोगों की हुई मौत

इस रहस्यमयी बीमारी की चपेट में आने के बाद परिवार के तीन सदस्यों को गंभीर हालत में रिम्स में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान पहले श्वेता और नकुल की मौत हुई, जबकि सोमवार को एक अन्य सदस्य ने भी दम तोड़ दिया। इससे मृतकों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और स्वास्थ्य विभाग लगातार मामले की निगरानी कर रहा है।

चिकित्सकों ने जताई कैपिलरी लीक सिंड्रोम की आशंका

रिम्स ट्रॉमा सेंटर के विभागाध्यक्ष डॉ. पी.के. भट्टाचार्य ने प्रारंभिक जांच के आधार पर बताया कि मामला कैपिलरी लीक सिंड्रोम से जुड़ा हो सकता है। इस स्थिति में शरीर की रक्त नलिकाओं से तरल पदार्थ बाहर निकलने लगता है, जिससे हाथ-पैरों में सूजन, किडनी और फेफड़ों पर गंभीर असर पड़ता है। समय पर उपचार नहीं मिलने पर मरीज की जान भी जा सकती है।

जहरीले पौधे से बने सरसों के तेल पर जांच केंद्रित

मामले की जांच के दौरान मौत की वजह को लेकर एक महत्वपूर्ण पहलू सामने आया है। मृतकों की मां लाखो देवी ने बताया कि परिवार अपने खेत में उगाई गई सरसों से निकाले गए तेल का उपयोग करता था। स्वास्थ्य विभाग को आशंका है कि सरसों की फसल में आर्जीमोन मेक्सिकाना नामक जहरीला पौधा मिल गया होगा। यह पौधा दिखने में सरसों जैसा होता है, लेकिन इसका तेल शरीर के लिए अत्यंत विषैला माना जाता है और रक्त नलिकाओं, किडनी तथा फेफड़ों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है।

फोरेंसिक जांच के लिए तेल जब्त, विसरा सुरक्षित

प्रशासन ने पीड़ित परिवार के घर से सरसों के तेल के नमूने जब्त कर लिए हैं, जिन्हें फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा। वहीं, मृतकों श्वेता और नकुल के शवों का विसरा भी सुरक्षित रखा गया है, ताकि मौत के वास्तविक कारणों का वैज्ञानिक परीक्षण किया जा सके। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वजह की आधिकारिक पुष्टि हो सकेगी।

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