रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग की ओर से जारी सिविल सेवा परीक्षा 2025 की प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। परिणाम घोषित होने के बाद अभ्यर्थियों ने रिजल्ट की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए आयोग से स्पष्टीकरण की मांग की है। अभ्यर्थियों का कहना है कि परिणाम में 832 रोल नंबर का अंतर दिखाई दे रहा है, जिससे कई तरह की आशंकाएं पैदा हो गई हैं।

832 रोल नंबर गायब होने से उठे सवाल

अभ्यर्थियों के अनुसार, आयोग द्वारा जारी परिणाम में क्रमांक 2601290656 के बाद सीधे 2601291488 रोल नंबर वाले अभ्यर्थी का चयन दिखाया गया है। यानी इन दोनों रोल नंबरों के बीच आने वाले 832 अभ्यर्थियों में से एक भी सफल घोषित नहीं हुआ।

अभ्यर्थियों का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में किसी भी अभ्यर्थी का सफल नहीं होना सामान्य स्थिति नहीं लगती। उन्होंने सवाल उठाया है कि क्या किसी परीक्षा केंद्र के सभी अभ्यर्थी अनुपस्थित थे, क्या किसी केंद्र की परीक्षा रद्द कर दी गई थी या फिर ओएमआर शीट से जुड़ी कोई तकनीकी या अन्य समस्या हुई है। उनका कहना है कि पूरे मामले की जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

कटऑफ अंक जारी नहीं करने पर भी नाराजगी

अभ्यर्थियों ने आयोग पर कटऑफ अंक सार्वजनिक नहीं करने का भी आरोप लगाया है। उनका कहना है कि 5 जून 2026 को जारी सिविल जज जूनियर प्रारंभिक परीक्षा परिणाम, 24 जून 2026 को घोषित सिविल सेवा बैकलॉग 2023 प्रारंभिक परीक्षा परिणाम, 2 जुलाई 2026 को जारी सिविल सेवा नियमित परीक्षा 2025 के परिणाम तथा 3 जुलाई 2026 को घोषित फॉरेस्ट रेंज अफसर मुख्य परीक्षा के परिणाम के साथ भी कटऑफ अंक जारी नहीं किए गए हैं।

अभ्यर्थियों ने स्थानांतरित परीक्षा नियंत्रक के माध्यम से परिणाम जारी किए जाने पर भी आपत्ति जताई है और आयोग से पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बरतने की मांग की है।

सिविल सेवा बैकलॉग पीटी का संशोधित मॉडल उत्तर जारी

इधर, झारखंड लोक सेवा आयोग ने सिविल सेवा बैकलॉग 2025 प्रारंभिक परीक्षा का संशोधित मॉडल उत्तर भी जारी कर दिया है। आयोग के अनुसार प्रथम प्रश्नपत्र में एक प्रश्न के सभी विकल्प सही पाए गए हैं, जबकि द्वितीय प्रश्नपत्र के चार प्रश्नों को रद्द कर दिया गया है।

इस भर्ती प्रक्रिया के तहत कुल 45 पदों पर नियुक्ति की जाएगी। इनमें उपसमाहर्ता के 36 पद, सहायक निबंधक (कृषि) के 2 पद तथा झारखंड शिक्षा सेवा के 7 पद शामिल हैं।

लगभग 30 हजार अभ्यर्थी हुए थे शामिल

जेपीएससी ने 17 मई को प्रारंभिक परीक्षा आयोजित की थी। इसके बाद 11 जून को प्रारंभिक मॉडल उत्तर जारी कर अभ्यर्थियों से 12 से 15 जून तक आपत्तियां और सुझाव मांगे गए थे। प्राप्त आपत्तियों की समीक्षा के बाद आयोग ने संशोधित मॉडल उत्तर प्रकाशित किया है।

इस परीक्षा में लगभग 30 हजार अभ्यर्थी शामिल हुए थे। राजधानी रांची में परीक्षा के लिए 64 केंद्र बनाए गए थे।

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