रांची: झारखंड में ब्लड कैंसर, थैलेसीमिया और अन्य गंभीर रक्त संबंधी बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए बड़ी राहत की खबर है। रांची के सदर अस्पताल में बोन मैरो स्टेम सेल ट्रांसप्लांट (बीएमटी) यूनिट की स्थापना का रास्ता साफ हो गया है। स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की राज्य योजना के तहत 13 करोड़ 45 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान कर दी है।
नई बीएमटी यूनिट शुरू होने के बाद झारखंड के मरीजों को इलाज के लिए दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा। उन्हें राज्य में ही आधुनिक और विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगी बीएमटी यूनिट
स्वीकृत राशि से अस्पताल में क्लीनरूम, हेपा फिल्ट्रेशन प्रणाली, समर्पित वातानुकूलन प्रणाली, पॉजिटिव प्रेशर आइसोलेशन रूम और मेडिकल गैस पाइपलाइन जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
इसके अलावा विशेष चिकित्सा उपकरणों और सेल प्रोसेसिंग प्रयोगशाला की स्थापना पर 7 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। शेष राशि का उपयोग प्रयोगशाला किट, संक्रमण नियंत्रण सामग्री और मानव संसाधन के रखरखाव पर किया जाएगा।
ब्लड कैंसर और थैलेसीमिया मरीजों को मिलेगा नया जीवन
सदर अस्पताल की क्लिनिकल हेमेटोलॉजी यूनिट में हर वर्ष ल्यूकेमिया, लिम्फोमा और थैलेसीमिया से पीड़ित बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, बीएमटी यूनिट शुरू होने के बाद 50 से 60 प्रतिशत बच्चों और करीब 30 प्रतिशत वयस्क मरीजों के पूरी तरह स्वस्थ होने की संभावना बढ़ेगी।
विशेषज्ञ डॉक्टरों की होगी नियुक्ति
नई सुविधा के संचालन के लिए सदर अस्पताल ने विशेषज्ञ और सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सकों की नियुक्ति प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। इसके तहत 29 जुलाई को सुबह 10:30 बजे वॉक-इन-इंटरव्यू आयोजित किया जाएगा।
बाल रोग विशेषज्ञों के लिए 1.05 लाख रुपये प्रतिमाह मानदेय निर्धारित किया गया है। इच्छुक अभ्यर्थी आवेदन से संबंधित विस्तृत जानकारी और आवेदन पत्र सदर अस्पताल की आधिकारिक वेबसाइट से प्राप्त कर सकते हैं।

