नई दिल्ली: पूर्व केंद्रीय मंत्री शनिवार को नई अर्जुन मुंडा दिल्ली में आयोजित ‘शबरी के राम’ कार्यक्रम में शामिल हुए। यह आयोजन श्री अयोध्या न्यास की ओर से अयोध्या पर्व के अंतर्गत किया गया था, जिसमें माता शबरी की भक्ति और समर्पण को स्मरण किया गया।
भक्ति में भेदभाव का नहीं होता स्थान
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अर्जुन मुंडा ने कहा कि भगवान श्रीराम के प्रति माता शबरी की सच्ची श्रद्धा हमें यह सिखाती है कि भक्ति में किसी भी प्रकार का भेदभाव स्वीकार्य नहीं है। चाहे वह जाति, वर्ग या सामाजिक स्थिति से जुड़ा हो, सच्ची भक्ति सभी सीमाओं से परे होती है।
जनजातीय परंपराओं का सशक्त प्रतीक
उन्होंने कहा कि माता शबरी का जीवन भारतीय जनजातीय परंपराओं की गहरी आध्यात्मिकता और सांस्कृतिक समृद्धि का प्रतीक है। उनका आदर्श समाज को समानता, समरसता और निःस्वार्थ प्रेम का संदेश देता है।
सामाजिक एकता और सांस्कृतिक गौरव पर जोर
अर्जुन मुंडा ने कहा कि आज के समय में माता शबरी के आदर्श और भी प्रासंगिक हो गए हैं। यह कार्यक्रम न केवल आध्यात्मिक चेतना को जागृत करता है, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक गौरव को भी मजबूत करता है।
इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों से आए विद्वानों, गणमान्य व्यक्तियों और समाज के प्रतिनिधियों के साथ सार्थक संवाद भी हुआ।
