रांची: झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन कार्यवाही शुरू होने से पहले ही विधानसभा परिसर में विपक्ष ने जोरदार प्रदर्शन किया। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और आजसू के विधायक तख्तियां और बैनर लेकर सदन के बाहर पहुंचे तथा जेपीएससी भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्यमंत्री के इस्तीफे और मामले की सीबीआई जांच की मांग करते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
तिवारी महतो का अनोखा प्रदर्शन
प्रदर्शन के दौरान आजसू विधायक तिवारी महतो ने अलग अंदाज में सरकार को घेरने का प्रयास किया। उन्होंने अपने गले में एक कथित ‘रेट चार्ट’ पहन रखा था। उनका दावा था कि उनकी पार्टी के पास विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित रूप से लिए गए पैसों की जानकारी है और अलग-अलग सरकारी पदों के लिए कथित तौर पर तय रकम वसूली गई।
उन्होंने कहा कि यह केवल पेपर लीक का मामला नहीं है, बल्कि भर्ती प्रक्रिया में संगठित स्तर पर अनियमितताओं के गंभीर आरोप हैं। उनके अनुसार, जिन अभ्यर्थियों ने कथित तौर पर पैसे दिए, वे सफल हुए, जबकि मेहनत करने वाले अभ्यर्थी आज जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आंदोलन करने को मजबूर हैं।
‘रेट चार्ट’ में लगाए गंभीर आरोप
तिवारी महतो ने आरोप लगाया कि कथित तौर पर विभिन्न पदों के लिए अलग-अलग रकम निर्धारित की गई थी। उनके दावों के अनुसार, डीएसपी पद के लिए 1.20 करोड़ रुपये, वन क्षेत्र पदाधिकारी (एफआरओ) के लिए 80 लाख रुपये, प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) के लिए 90 लाख रुपये, अंचल अधिकारी (सीओ) के लिए 1 करोड़ रुपये, सीजीएल परीक्षा के लिए 70 लाख रुपये और दरोगा पद के लिए 39 लाख रुपये की कथित मांग की गई।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बाहरी-भीतरी की बहस से इतर केवल पैसे को महत्व दिया गया और दूसरे राज्यों के अभ्यर्थियों ने भी कथित रूप से धन देकर चयन सुनिश्चित कराया।
सीबीआई जांच की मांग दोहराई
आजसू विधायक ने इन सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए पूरे भर्ती प्रकरण की सीबीआई जांच की मांग दोहराई। वहीं विपक्ष का कहना है कि विधानसभा के मानसून सत्र में वह जेपीएससी और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के मुद्दे को प्रमुखता से उठाएगा।

