रांची: छात्रों के विधानसभा घेराव और प्रदर्शन के बाद रांची जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं। सोमवार देर रात करीब 11:30 बजे उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री और एसएसपी राकेश रंजन ने संयुक्त प्रेस वार्ता कर विधानसभा घेराव के दौरान हुई घटनाओं और प्रशासन की कार्रवाई की जानकारी दी।
उपायुक्त ने कहा कि पिछले 14 दिनों से छात्र शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे थे, लेकिन इस बीच कुछ बाहरी और असामाजिक तत्वों के आंदोलन में शामिल होने से माहौल खराब हुआ। उन्होंने कहा कि प्रशासन की नजर पूरे घटनाक्रम पर है और प्रदर्शन की वीडियोग्राफी के साथ ड्रोन से भी फुटेज लिया जा रहा है।
बाहरी तत्वों को चिन्हित कर होगी कार्रवाई
डीसी मंजूनाथ भजंत्री ने कहा कि बाहरी तत्व यह न समझें कि प्रशासन की उन पर नजर नहीं है। प्रदर्शन स्थल और आसपास की गतिविधियों की लगातार निगरानी की जा रही है। आने वाले समय में माहौल खराब करने वालों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि प्रदर्शन में शामिल लोगों की पहचान वीडियो फुटेज के आधार पर की जाएगी। पुलिस चिन्हित व्यक्तियों की पुरानी गतिविधियों और आपराधिक इतिहास की भी जांच करेगी। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
ड्रोन और वीडियो फुटेज से होगी जांच
उपायुक्त ने बताया कि पूरे घटनाक्रम की वीडियोग्राफी कराई गई है। इसके अलावा ड्रोन के जरिए भी फुटेज जुटाए गए हैं। इन फुटेज की जांच कर यह पता लगाया जाएगा कि प्रदर्शन के दौरान कौन लोग शामिल थे और किसकी भूमिका क्या रही।
उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति कानून-व्यवस्था बिगाड़ने में शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
एसएसपी बोले- आंदोलन के पीछे एक तंत्र काम कर रहा
एसएसपी राकेश रंजन ने कहा कि इस आंदोलन में एक तरह की मशीनरी काम कर रही है। उनके अनुसार, कुछ लोग छोटे-छोटे वीडियो और रील बनाकर प्रसारित कर रहे हैं, जिसका उद्देश्य उन्हें देखकर छात्रों को भड़काना है।
एसएसपी ने छात्रों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि सरकार और प्रशासन उनकी बात सुन रहे हैं। उन्होंने कहा कि सोमवार को स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा, लेकिन कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।
मंगलवार के झारखंड बंद पर प्रशासन की नजर
मंगलवार को प्रस्तावित झारखंड बंद को लेकर भी जिला प्रशासन ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है। उपायुक्त ने कहा कि बंद के दौरान स्कूलों को बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए छुट्टी का निर्णय लेने के लिए कहा गया है।
प्रशासन ने बंद समर्थकों से शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराने की अपील की है। साथ ही स्पष्ट किया है कि पूरे घटनाक्रम पर प्रशासन की नजर रहेगी। यदि बंद या विरोध-प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश की गई, तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
छात्रों से शांति बनाए रखने की अपील
प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने छात्रों से अपील की है कि वे किसी भी भड़काऊ वीडियो या संदेश के आधार पर प्रतिक्रिया न दें। अधिकारियों का कहना है कि छात्रों की मांगों को लेकर सरकार और प्रशासन संवाद की प्रक्रिया में हैं और आंदोलन के दौरान शांति बनाए रखना जरूरी है।

