धनबाद: राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) जोड़ापोखर घोटाले में पहले से जेल में बंद आरोपी प्रमोद कुमार सिंह की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) धनबाद ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में प्रमोद सिंह और उसकी पत्नी प्रिया सिंह के खिलाफ विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है।
17 हजार रुपये वेतन में करोड़ों की संपत्ति का आरोप
एसीबी की चार्जशीट के अनुसार, एनआरएचएम में संविदा कर्मी के रूप में लगभग 17 हजार रुपये मासिक मानदेय पाने वाले प्रमोद सिंह और उसकी पत्नी ने अपनी वैध आय की तुलना में 554 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित की। एसीबी कांड संख्या 46/2016 की जांच में यह तथ्य सामने आया है।
जांच के अनुसार, प्रमोद सिंह की नियुक्ति वर्ष 2008 में राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत संविदा पर हुई थी। वह झरिया और जोड़ापोखर का ब्लॉक अकाउंट मैनेजर था और एनआरएचएम की राशि के व्यय, लेखा-जोखा तथा कैश बुक के रखरखाव की जिम्मेदारी संभाल रहा था।
सरकारी राशि के गबन का आरोप
एसीबी का आरोप है कि इसी पद पर रहते हुए प्रमोद सिंह ने सरकारी राशि का गबन किया और उसी धन से अवैध संपत्ति अर्जित की। जांच में यह भी सामने आया कि उसने कथित तौर पर धोखाधड़ी कर एनआरएचएम की राशि अपने रिश्तेदारों और करीबी लोगों के बैंक खातों में ट्रांसफर कराई और बाद में वह रकम वापस लेकर उसका इस्तेमाल किया।
करीबी के नाम खरीदा वाहन, बाद में पत्नी के नाम कराया
जांच एजेंसी के मुताबिक, प्रमोद सिंह ने एक लग्जरी वाहन अपने करीबी के नाम से खरीदा और उसका उपयोग स्वयं करता रहा। बाद में उस वाहन का स्वामित्व अपनी पत्नी प्रिया सिंह के नाम स्थानांतरित करा दिया गया। एसीबी का कहना है कि सीमित आय वाले संविदा कर्मी और उसकी पत्नी के पास इतनी बड़ी संपत्ति अर्जित करने का कोई वैध स्रोत जांच में नहीं मिला। इसी आधार पर दोनों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलने का दावा करते हुए विशेष अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया गया है।
ईडी पहले ही कर चुकी है 1.63 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त
वर्ष 2024 में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने धन शोधन मामले में प्रमोद सिंह की 1.63 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति अस्थायी रूप से जब्त की थी। जब्त संपत्तियों में धनबाद स्थित मकान, जमीन, तीन लग्जरी वाहन, 2.17 लाख रुपये नकद और बैंक खातों में जमा करीब चार लाख रुपये शामिल हैं।
ईडी ने पूछताछ के लिए प्रमोद सिंह को 12 बार समन जारी किया था, लेकिन वह एक बार भी उपस्थित नहीं हुआ। इसके बाद एजेंसी ने उसे गिरफ्तार कर लिया। प्रमोद सिंह फरवरी 2025 से जेल में बंद है और उसके खिलाफ एनआरएचएम में करीब 9.39 करोड़ रुपये के गबन तथा मनी लॉन्ड्रिंग के मामले की जांच जारी है।

