रांची: झारखंड सरकार ने राज्य के सरकारी विश्वविद्यालयों और अंगीभूत कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर सहित शैक्षणिक पदों पर झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) के माध्यम से चल रही नियुक्ति प्रक्रिया पर फिलहाल रोक लगा दी है। इस संबंध में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा निदेशक सुधीर बाड़ा ने जेपीएससी के सचिव को पत्र भेजकर पूरी चयन प्रक्रिया स्थगित रखने का निर्देश दिया है।
सरकार के हाल ही में लागू नए नियमों के अनुसार अब विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति झारखंड राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग के माध्यम से की जाएगी।
शिक्षकों के 1,351 नए पद सृजित
उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अनुसार राज्य सरकार ने सरकारी विश्वविद्यालयों और अंगीभूत कॉलेजों में शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक पदों का पुनर्गठन किया है। पुनर्गठन के तहत शिक्षकों के 5,173 पदों का पुनर्संरचना करते हुए 1,351 अतिरिक्त पद सृजित किए गए हैं।
इसके बाद राज्य के सभी सरकारी विश्वविद्यालयों में शिक्षकों के कुल स्वीकृत पदों की संख्या बढ़कर 6,524 हो गई है। फिलहाल इन पदों के लिए रोस्टर क्लियरेंस की प्रक्रिया जारी है।
भर्ती प्रक्रिया में हो सकती है देरी
विभागीय पत्र में जेपीएससी से आवश्यक कार्रवाई कर विभाग को अवगत कराने को कहा गया है। इससे पहले जेपीएससी ने विश्वविद्यालयों में अधिकारियों के करीब 23 पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की थी।
अब नई व्यवस्था के तहत भर्ती प्रक्रिया झारखंड राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग के माध्यम से दोबारा शुरू होगी। ऐसे में नियुक्तियों में देरी होने की संभावना जताई जा रही है।
जेपीएससी में चल रहे विवाद भी चर्चा में
इधर, जेपीएससी कार्यालय में हाल में हुई सीआईडी की छापेमारी के बाद आयोग की कार्यप्रणाली भी चर्चा में है। हालांकि, इस मामले में कोई आधिकारिक कारण सार्वजनिक नहीं किया गया है।
सूत्रों के अनुसार आयोग के भीतर अध्यक्ष और उप परीक्षा नियंत्रक के कार्य संचालन को लेकर असंतोष की स्थिति थी। यह भी चर्चा है कि प्रारंभिक परीक्षा (पीटी) के परिणाम से जुड़े निर्णयों में आयोग के सदस्यों को अलग रखने को लेकर मतभेद उभरे थे। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

