रांची : पेयजल घोटाला मामले से जुड़े अभियुक्त के साथ कथित मारपीट प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड सरकार को बड़ा झटका दिया है। अदालत ने राज्य सरकार की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें केंद्रीय जांच एजेंसी से जांच के आदेश को चुनौती दी गई थी। अब इस मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी के दायरे में ही जारी रहेगी।
सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला
मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट की पीठ, जिसमें न्यायमूर्ति एम. एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति एन. कोटेश्वर सिंह शामिल थे, ने की। सुनवाई के बाद अदालत ने राज्य सरकार की याचिका को खारिज कर दिया।
इससे पहले 13 अप्रैल को सुनवाई निर्धारित थी, लेकिन राज्य सरकार के अनुरोध पर इसे स्थगित कर दिया गया था।
आरोपों से शुरू हुआ मामला
इस मामले की शुरुआत तब हुई जब अभियुक्त संतोष कुमार ने प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों पर मारपीट का आरोप लगाते हुए एयरपोर्ट थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की और प्रवर्तन निदेशालय कार्यालय के बाहर विरोध भी देखने को मिला।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद बढ़ा मामला
प्राथमिकी की जांच केंद्रीय एजेंसी से कराने की मांग को लेकर प्रवर्तन निदेशालय ने हाईकोर्ट का रुख किया था। हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच केंद्रीय एजेंसी को सौंपने का आदेश दिया था।
सुप्रीम कोर्ट से नहीं मिली राहत
हाईकोर्ट के इस आदेश के खिलाफ झारखंड सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंची थी, लेकिन वहां से उसे राहत नहीं मिली। सुप्रीम कोर्ट द्वारा याचिका खारिज किए जाने के बाद अब हाईकोर्ट का आदेश प्रभावी रहेगा और जांच केंद्रीय एजेंसी द्वारा ही आगे बढ़ाई जाएगी।
इस फैसले को मामले में महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है और अब जांच की दिशा स्पष्ट हो गई है।

