रांची: झारखंड में बढ़ी हुई बिजली दर को लेकर सियासत तेज हो गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और सांसद आदित्य साहू ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए बिजली दर में वृद्धि को तुरंत वापस लेने की मांग की है।
उपभोक्ताओं पर बढ़ता बोझ
आदित्य साहू ने कहा कि बिजली विभाग की लापरवाही के कारण आम उपभोक्ता परेशान हैं। कई उपभोक्ताओं को दो से ढाई लाख रुपये तक के बिजली बिल भेजे जा रहे हैं, जिससे लोग मानसिक और आर्थिक रूप से प्रभावित हो रहे हैं।
सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
उन्होंने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि एक ओर सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जनता पर बिजली बिल का अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है। उन्होंने इसे आम लोगों के साथ अन्याय बताया।
मुफ्त बिजली योजना पर सवाल
भाजपा नेता ने कहा कि 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने का वादा पूरी तरह से छलावा साबित हुआ है। उनका आरोप है कि सरकार ने अपने वादों को लागू करने के लिए आय के स्रोत विकसित नहीं किए और विभिन्न फंडों का सही उपयोग नहीं हुआ।
बिजली व्यवस्था पर भी उठाए सवाल
साहू ने बिजली आपूर्ति व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि कई जगहों पर ट्रांसफॉर्मर महीनों तक खराब पड़े रहते हैं। राजधानी में ही बिजली की स्थिति संतोषजनक नहीं है, तो ग्रामीण क्षेत्रों की हालत का अंदाजा लगाया जा सकता है।
विभाग से की बातचीत
उन्होंने बताया कि उपभोक्ताओं से लगातार शिकायतें मिल रही हैं, जिसके बाद उन्होंने बिजली विभाग के अधिकारियों से बिल सुधार को लेकर बातचीत भी की है।
सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग
आदित्य साहू ने राज्य सरकार से मांग की है कि बढ़ी हुई बिजली दर को तुरंत वापस लिया जाए और उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

