रांची: उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा से जुड़े पेपर लीक मामले में गिरफ्तार आरोपितों की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने केस डायरी तलब की है। अपर न्यायायुक्त योगेश कुमार की अदालत में शुक्रवार को इस मामले की सुनवाई हुई।
28 आरोपितों की जमानत याचिका पर सुनवाई
मामले में जेल भेजे गए 28 आरोपितों ने जमानत के लिए याचिका दाखिल की है। इससे पहले बुधवार को भी 20 आरोपितों ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था।
सुनवाई के दौरान आरोपितों ने दलील दी कि उन्हें साजिश के तहत फंसाया गया है और उन पर आपराधिक मुकदमा चलने से उनका शैक्षणिक करियर प्रभावित होगा।
कोर्ट ने मांगी केस डायरी
अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस से केस डायरी प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। अब इस मामले में अगली सुनवाई 20 अप्रैल को होगी।
छापेमारी में बड़ी संख्या में गिरफ्तारियां
उल्लेखनीय है कि पुलिस को सूचना मिली थी कि तमाड़ के रड़गांव में एक अर्धनिर्मित भवन में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी जुटे हुए हैं। सूचना के आधार पर 11 अप्रैल की रात विशेष छापेमारी अभियान चलाया गया, जिसमें कुल 164 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
इनमें 152 पुरुष, 7 महिला अभ्यर्थी और 5 कथित गिरोह के सरगना शामिल थे। पुलिस के पहुंचते ही कई लोग मौके से भागने का प्रयास करने लगे।
गिरोह पर गंभीर आरोप
पुलिस के अनुसार, गिरोह के एजेंट अभ्यर्थियों को वहां ठहराकर प्रश्नों के उत्तर रटवा रहे थे। अभ्यर्थियों के मोबाइल और प्रवेश पत्र भी अपने कब्जे में ले लिए गए थे।
जानकारी के मुताबिक, इस पूरे मामले में प्रति अभ्यर्थी 15 लाख रुपये तक का सौदा किया गया था। कुछ अभ्यर्थियों ने आरोपितों के नाम पर बैंक चेक भी दिए थे।
अंतरराज्यीय गिरोह की भूमिका
पुलिस ने इस मामले में अंतरराज्यीय पेपर लीक और सॉल्वर गिरोह के सरगना समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया है। इनके खिलाफ तमाड़ थाना में प्राथमिकी दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
इस मामले ने राज्य में भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

