रांची: राजधानी रांची के रातू थाना क्षेत्र से लापता नाबालिग नंदिनी के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। जांच में पुष्टि हुई है कि किशोरी की हत्या कर उसके शव को बिहार के गया ले जाकर जला दिया गया। इस खुलासे के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है।
पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी सुबोध पाठक, उसके बेटे राहुल उर्फ अक्षय पाठक और एक एंबुलेंस चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
हत्या की पुष्टि, आरोपियों ने कबूला जुर्म
रातू थाना प्रभारी आदिकांत महतो के अनुसार, प्रारंभिक जांच में नंदिनी की हत्या की पुष्टि हो चुकी है। पूछताछ के दौरान आरोपी अक्षय पाठक ने अपराध कबूल किया है। पुलिस आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है।
जांच में यह भी सामने आया कि 13 मार्च की रात एंबुलेंस के जरिए शव को गया ले जाया गया, जहां उसे जला दिया गया। एंबुलेंस चालक ने भी शव ढोने में अपनी भूमिका स्वीकार की है।
प्रताड़ना के आरोप और स्थानीय खुलासे
नंदिनी की सहेलियों और स्थानीय लोगों ने बताया कि आरोपी अक्षय पाठक अक्सर किशोरी के साथ मारपीट करता था। पड़ोस की महिलाओं ने भी उसके साथ दुर्व्यवहार की पुष्टि की है।
पहले से था ग्रामीणों को शक
2 अप्रैल की रात झखराटांड़ गांव के लोगों ने सुबोध पाठक के घर का घेराव किया था। उस समय परिवार ने दावा किया था कि नंदिनी को गांव भेज दिया गया है और लिखित आश्वासन भी दिया था।
हालांकि बाद में मामला संदिग्ध लगने पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच तेज कर दी।
निजी अस्पताल संचालक फरार
मामले में एक निजी अस्पताल संचालक अमरेश पाठक की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। आरोप है कि उसने आरोपियों को एंबुलेंस उपलब्ध कराई और फरार होने में मदद की। पुलिस जब उसे पकड़ने पहुंची, वह फरार मिला। उसकी तलाश जारी है।
नरबलि की आशंका, पुलिस जांच जारी
स्थानीय लोगों ने आशंका जताई है कि यह मामला नरबलि से जुड़ा हो सकता है, क्योंकि आरोपी के घर साधुओं का आना-जाना लगा रहता था। हालांकि पुलिस ने इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
फिलहाल पुलिस इस जघन्य हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में जुटी है। कई लोगों से पूछताछ की जा रही है और तकनीकी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। जल्द ही पूरे मामले का विस्तृत खुलासा होने की संभावना है।

