रांची: झारखंड के चर्चित 730 करोड़ रुपये के जीएसटी घोटाला मामले में कारोबारी विक्की भालोटिया को बड़ा झटका लगा है। मामले की सुनवाई कर रही पीएमएलए कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट के इस फैसले के बाद आरोपी फिलहाल जेल में ही रहेंगे।
जानकारी के अनुसार, यह मामला बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं और फर्जी कंपनियों के जरिए टैक्स चोरी से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि फर्जी दस्तावेजों और कंपनियों के सहारे करोड़ों रुपये का जीएसटी घोटाला किया गया, जिससे सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचा है।
जांच एजेंसियों की कार्रवाई तेज
मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग एंगल से जांच की है।
Enforcement Directorate
जांच एजेंसी ने कई वित्तीय लेन-देन और दस्तावेजों की गहन जांच शुरू की थी, जिसके बाद कार्रवाई को आगे बढ़ाया गया।
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने जमानत देने की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने मामले की गंभीरता और जांच की स्थिति को देखते हुए याचिका खारिज कर दी। अदालत ने फिलहाल विस्तृत आदेश में कारणों को स्पष्ट नहीं किया है, जो आगे जारी हो सकता है।
यह मामला राज्य के सबसे बड़े आर्थिक घोटालों में से एक माना जा रहा है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस कथित नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे और वित्तीय लेन-देन का पूरा ढांचा क्या था।

